नगर पालिका अध्यक्ष बसंतीबाई यादव ने किया राजराजेश्वर उद्यान एवं तालाब विकास कार्यों का निरीक्षण
मानसून से पहले कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश, अमृत 2.0 योजना से बदल रही क्षेत्र की तस्वीर

सेंधवा । नगर पालिका परिषद सेंधवा द्वारा अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत किले के अंदर स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के राजराजेश्वर तालाब एवं उद्यान के सौंदर्यीकरण कार्यों को गति दी जा रही है। इसी क्रम में नगर पालिका अध्यक्ष बसंतीबाई यादव ने राजराजेश्वर मंदिर परिसर पहुंचकर निर्माणाधीन उद्यान एवं तालाब विकास कार्यों का निरीक्षण किया तथा कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि सुनील अग्रवाल से चल रहे कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस दौरान सुनील अग्रवाल ने तालाब के जीर्णोद्धार, घाट निर्माण, सुरक्षा दीवार, उद्यान विकास एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि परियोजना के अंतर्गत क्षेत्र को आकर्षक एवं जनसुविधाओं से युक्त स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।

नगर पालिका अध्यक्ष बसंतीबाई यादव ने कहा कि राजराजेश्वर मंदिर एवं तालाब नगर की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर हैं। अमृत 2.0 योजना के माध्यम से यहां किए जा रहे विकास कार्य पूर्ण होने के बाद यह स्थल श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के लिए एक सुंदर पर्यटन एवं आस्था केंद्र के रूप में विकसित होगा। उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि मानसून निकट है, इसलिए सुरक्षा दीवार एवं अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि वर्षा के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि नगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं विकास नगर पालिका की प्राथमिकता है। राजराजेश्वर तालाब एवं उद्यान का सौंदर्यीकरण न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाएगा बल्कि नागरिकों को स्वच्छ एवं आकर्षक वातावरण भी उपलब्ध कराएगा।
निरीक्षण के दौरान राजराजेश्वर मंदिर के पुजारी राम गौरव, प्रखर शर्मा, लला, श्रीज दुबे सहित अन्य उपस्थित जनों ने भी विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण की अपेक्षा जताई।
गौरतलब है कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत राजराजेश्वर तालाब एवं उद्यान का व्यापक स्तर पर विकास किया जा रहा है, जिससे भविष्य में यह स्थल नगर की पहचान के रूप में और अधिक आकर्षक स्वरूप में सामने आएगा।



