सेंधवा की तिरुपति कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन, स्वामी प्रेमानंदनदास जी ने श्रद्धा और सत्संग का महत्व बताया

सेंधवा। तिरुपति कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक स्वामी प्रेमानंदनदास जी ने श्रद्धालुओं को भक्ति, श्रद्धा और सत्संग का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सभी देवी-देवताओं का सम्मान और पूजन करना चाहिए, लेकिन श्रद्धा और विश्वास अपने इष्ट देव के प्रति अटूट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को ऐसी संगति का चयन करना चाहिए जो उसे भगवान की ओर ले जाए, क्योंकि जैसी संगत होती है, वैसा ही जीवन पर प्रभाव पड़ता है।
कथावाचक स्वामी प्रेमानंदनदास जी ने कहा कि भगवान ने मनुष्य जीवन दिया है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति में भी भगवान से जुड़ने और उन्हें प्राप्त करने की चाह होना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में सदाचार, सत्संग और आध्यात्मिक मार्ग को अपनाने का आह्वान किया।
कथा के दौरान मारवाड़ी ब्राह्मण समाज एवं तिरुपति कॉलोनी के निवासियों ने स्वामी प्रेमानंदनदास जी का शाल, श्रीफल एवं माल्यार्पण कर स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर मारवाड़ी ब्राह्मण समाज के गिरवर शर्मा, विनोद शर्मा, बद्रीप्रसाद शर्मा, गोपाल शर्मा, राजेंद्र शर्मा और दामोदर शर्मा उपस्थित रहे। वहीं तिरुपति कॉलोनी से महेश जोशी, मनोज पटेल, किशोर अग्रवाल, राजू गोयल, सत्तू डोकवाल, अनिल मित्तल, आनंद यादव, सुनील गुप्ता, अश्विन गोयल, पिंटू कुसुबे और राहुल पटवा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कथा श्रवण के लिए छत्तीसगढ़ के कोंडागांव, बड़ौदा, मुंबई, सिंघाना, इंदौर और सिरपुर से भी श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया।




