सेंधवा में सजी साहित्य की महफिल, काव्य गोष्ठी में कवियों ने कविता, ग़ज़ल और शेरों से बांधा समां
सेंधवा पब्लिक स्कूल में आयोजित काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने जीवन, प्रकृति, समाज और मानवीय मूल्यों पर रखे विचार

जनोदय पंच। सेंधवा काव्यमंच के तत्वावधान में निवाली रोड स्थित सेंधवा पब्लिक स्कूल में साहित्यिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। गोष्ठी में कवियों, शायरों और साहित्यकारों ने कविता, ग़ज़ल, शेर और गीतों के माध्यम से समाज, प्रकृति, जीवन और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त किया।
मां सरस्वती के पूजन से हुआ शुभारंभ
सेंधवा पब्लिक स्कूल में आयोजित काव्य गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम विशाल त्रिवेदी अल्पज्ञ ने राजपुर के कार्यक्रमों की स्मृतियों को साझा किया। इसके बाद महेश बाविष्कर ने “बारिश का इंतजार” शीर्षक कविता के माध्यम से वर्षा और जल के महत्व को रेखांकित किया। चेतन गोयल ने जीवन में गलतियों से सीख लेने का संदेश देते हुए अपनी रचना प्रस्तुत की।

ग़ज़लों और कविताओं ने बटोरी दाद
वाजीद हुसैन साहिल ने अपनी ग़ज़ल तरन्नुम में सुनाकर श्रोताओं की खूब सराहना प्राप्त की। गिरीश त्रिवेदी ने स्वास्थ्य और व्यायाम के महत्व पर आधारित रचना प्रस्तुत की। डॉ. सन्नी सोनी ने जीवन में अनुभव और संघर्षों से मिलने वाली सीख को अपनी कविता में अभिव्यक्त किया। सतिष सोनोने ने लक्ष्य और संघर्ष पर केंद्रित रचना सुनाई, जबकि पवन शर्मा हमदर्द ने पिता के महत्व को रेखांकित करते हुए भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की।
जीवन, समाज और प्रकृति पर केंद्रित रचनाएं
विशाल त्रिवेदी अल्पज्ञ ने जीवन के यथार्थ को दर्शाती रचना सुनाई। राजेश शर्मा ने “ज़िंदगी” शीर्षक कविता के माध्यम से जीवन की गति को शब्द दिए। शाकिर शेख शाकिर ने सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर आधारित शेर प्रस्तुत किए। हाफिज अहमद हाफिज ने अपनी रचना से प्रभाव छोड़ा। डॉ. कालूराम शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों की आवश्यकता पर केंद्रित कविता सुनाकर तालियां बटोरीं।
साहित्यकारों ने साझा किए विविध विषय
राजेंद्र सोनोने राही ने व्यंग्यात्मक अंदाज में अपनी रचना प्रस्तुत की। प्रो. सी.जी. खले ने पेड़ों और प्रकृति के दर्द को शब्दों में पिरोया। कार्यक्रम में दीपक भार्गव एवं अजय चौहान ने फिल्मी गीतों से जुड़ी रोचक जानकारियां साझा कीं। काव्य गोष्ठी का संचालन मनोज मराठे द्वारा किया गया।



