सेंधवा के देवझिरी महादेव मंदिर में 150 साल बाद जीर्णाेद्धार पूर्ण, प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भंडारे के साथ समापन
तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, महाप्रसादी ग्रहण की

जनोदय पंच। सेंधवा के प्राचीन देवझिरी महादेव मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन सोमवार को हवन की पूर्णाहुति और महाभंडारे के साथ हुआ। धार्मिक आयोजन में शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान के दर्शन किए तथा महाप्रसादी ग्रहण की। मंदिर के जीर्णाेद्धार के बाद आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
मंदिर समिति के अमित जोशी ने बताया कि देवझिरी महादेव मंदिर लगभग 150 से 200 वर्ष पुराना है। समय के साथ मंदिर का पुराना स्वरूप छोटा पड़ गया था, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में असुविधा होती थी। इसे देखते हुए मंदिर का भव्य जीर्णाेद्धार कराया गया। पुनर्निर्माण के लिए राजस्थान के धौलपुर से विशेष लाल बलुआ पत्थर मंगाए गए, जिनसे मंदिर को पारंपरिक एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई प्राण प्रतिष्ठा
तीन दिनों तक चले महोत्सव के दौरान मुख्य शिव मंदिर में वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय तथा नंदी जी सहित पूरे शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद सोमवार को हवन की पूर्णाहुति की गई और महाभंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
परिसर में बन रहा खाटू श्याम मंदिर
मंदिर समिति के अनुसार श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए देवझिरी महादेव मंदिर परिसर में खाटू श्याम मंदिर का निर्माण भी कराया जा रहा है। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए दर्शन, पेयजल, यातायात और महाप्रसादी वितरण की व्यवस्थाएं मंदिर समिति के स्वयंसेवकों ने संभालीं। पूरे आयोजन में व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों ने विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
महाशिवरात्रि पर लगता है मेला
देवझिरी महादेव मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां मेले का आयोजन भी किया जाता है। तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन के साथ धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।



