बड़वानी में नशा मुक्त भारत जागरूकता सप्ताह का समापन, युवाओं ने नशामुक्त समाज निर्माण का लिया संकल्प
शासकीय आदर्श महाविद्यालय में सप्ताहभर चले अभियान के तहत व्याख्यान, प्रतियोगिताएं और जागरूकता गतिविधियां आयोजित

जनोदय पंच। शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में नशा मुक्त भारत जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जागरूकता व्याख्यान, प्रतियोगिताओं, छात्र संवाद और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया तथा स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यालय कलेक्टर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग जिला बड़वानी तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में “नशा मुक्त भारत जागरूकता सप्ताह” का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान जागरूकता व्याख्यानमाला, भाषण प्रतियोगिता, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता, प्रश्न मंच, छात्र संवाद, समूह चर्चा एवं हस्ताक्षर अभियान आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए नशामुक्त समाज निर्माण का संदेश दिया।

विशेषज्ञों ने बताए नशे के दुष्प्रभाव
जागरूकता व्याख्यानमाला में सामाजिक सुरक्षा अधिकारी अंकित बघेल ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक जीवन को प्रभावित करता है। भाषण एवं समूह चर्चा प्रतियोगिताओं में शीतल बैंडोड और अर्पिता सोलवानी सहित विद्यार्थियों ने नशे के दुष्प्रभावों तथा रोकथाम के उपायों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं में मीनाक्षी, शिवानी, रिंकू जमरे, सारिका धनगर, आलिशा खान, कोमल अहीरवर और निशिका ने रचनात्मक संदेशों के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।

युवा शक्ति को नशे से दूर रहने का संदेश
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। नशा व्यक्ति की प्रतिभा, स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की आधारशिला हैं।
सामाजिक परिवर्तन के लिए जनभागीदारी जरूरी
नीता दीदी, प्रशासनिक अधिकारी जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र बड़वानी ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का जनआंदोलन है। जिला विधिक सहायता अधिकारी रॉबिन दयाल ने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही नशे के विरुद्ध प्रभावी वातावरण तैयार किया जा सकता है। छात्र संवाद एवं प्रश्न मंच में निर्मल सिंह चौहान, संजय भंडारी, लक्ष्य मोगरे, वर्षा, वैशाली और सावित्री आमले ने विभिन्न प्रश्न पूछकर विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किए।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. आर.आर. मुवेल, कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा किया गया। महाविद्यालय परिवार एवं राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों के सहयोग से कार्यक्रम संपन्न हुआ। अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।




