बड़वानी में नर्मदे हर के जयघोष के साथ संपन्न हुई मां नर्मदा महापुराण कथा, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ
30 मई से 5 जून तक नवलपुरा स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में चला धार्मिक आयोजन, महाआरती, भंडारे और संकल्प कार्यक्रम के साथ हुआ समापन।

जनोदय पंच। बड़वानी के नवलपुरा स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय मां नर्मदा महापुराण कथा का समापन भक्ति और श्रद्धा के माहौल में हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण किया। समापन पर महाआरती, भंडारा और नर्मदा संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।
सात दिवसीय धार्मिक आयोजन का हुआ समापन
बड़वानी के नवलपुरा स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर 30 मई से 5 जून 2026 तक आयोजित मां नर्मदा महापुराण कथा का शुक्रवार को समापन हुआ। आयोजन के अंतिम दिन विशेष पूजन-अर्चन, व्यासगादी पूजन, महाआरती, विशाल महाप्रसाद एवं भंडारे का आयोजन किया गया। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कथा का शुभारंभ 30 मई को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ था, जिसमें महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर नगर भ्रमण किया। इस दौरान “नर्मदे हर” और “हर-हर नर्मदे” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

मां नर्मदा की महिमा और धर्म-संस्कृति का संदेश
सात दिनों तक चले आयोजन में निमाड़ के कथावाचक पंडित अश्विन यदुवंशी ने मां नर्मदा की महिमा, सनातन संस्कृति, धर्म, भक्ति और मानव जीवन से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का आधार हैं तथा नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। कथा के दौरान महाभारत काल से जुड़े प्रसंगों का भी वर्णन किया गया, जिसमें पांडवों के अमरकंटक पहुंचने, मार्कंडेय ऋषि से भेंट तथा द्रौपदी और मां नर्मदा से संबंधित कथाएं सुनाई गईं। श्रद्धालुओं को समरसता, प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन का संदेश भी दिया गया।

भजनों से गूंजा परिसर, नर्मदा संरक्षण का लिया संकल्प
प्रतिदिन प्रस्तुत भक्तिमय भजनों और भजन मंडली की संगीतमय प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर किया। महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्गों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। यह आयोजन ब्रह्मलीन संत श्री श्री 1008 श्री सियाराम आया जी महाराज (तेली भट्टीयाण, खरगोन) एवं श्री श्री 1008 श्री गजानंद जी महाराज (यालीपुर धाम, मनावरा) की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया। आयोजन समिति के अनुसार श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। समापन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को मां नर्मदा के संरक्षण तथा नर्मदा तटों को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर “नर्मदे हर” के जयघोष से गूंजता रहा।




