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बड़वाह। तपती गर्मी में रोकड़िया परिवार ने किया छबील का वितरण… सांप्रदायिक एकता की दी मिशाल…

कपिल वर्मा बड़वाह। सिक्खों के पांचवे गुरु, शहीदों के सरताज, महान शांति के पुंज, गुरुबानी के बोहिथा, श्री गुरु अर्जन देव साहिब जी एक महान कवि, लेखक, देशभक्त, समाज सुधारक, लोकनायक, परोपकारी और ब्रह्मज्ञानी थे।

आप का जीवन सहजता, पराक्रम और ज्ञान का मनोहारी चित्रण था, सिख धर्म में गुरु जी के इस कार्यकाल को गुरुमत का मध्यान्ह माना जाता है। आप ने शहादत का जाम पीते समय अपने शीश पर डाली गई गर्म रेत की तपस को सहजता से सहन किया, उबलती हुई देग (उबलते हुए पानी का बड़ा बर्तन) में उन्हें बैठाया गया और तो और तपते हुए तवे पर आपने बैठकर, उस अकाल पुरख के भाणे को मीठा मानकर, स्वयं शहादत प्राप्त कर ली परंतु अपने धर्म के उसूलों पर आंच तक नहीं आने दी थी।

उक्त उद्गार श्री गुरु सिंघ सभा, बड़वाह प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सरदार सुरेंदर सिंह भाटिया नर्मदा रोड़ स्थित रोकड़िया जी के घर के सामने आयोजित छबील की सेवा में कहे। समिति के सचिव द्वय सरदार परविंदर सिंह एवं सरदार गुलबीर सिंह ने बताया कि पांचवे गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहादत दिवस पर बड़वाह सिक्ख समाज द्वारा इसके पूर्व भी छबील का आयोजन किया गया था।

समिति के मीडिया प्रभारी सरदार सतविंदर सिंह भाटिया ने बताया कि पंचम गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर पिछले कई वर्षों से बड़वाह की सिक्ख संगत द्वारा छबील वितरण का आयोजन किया जाता हैं। सतविंदर सिंह भाटिया ने बताया कि यह आयोजन सरदार गुलबीर सिंह भाटिया एवं निलेश रोकड़िया परिवार की और से किया गया।

श्रद्धालुओं एवं राहगीरों ने आयोजीत किए गए इस कार्यक्रम की भुरी भुरी प्रशंशा की। इस दौरान हरविंदर सिंह,जितेंदर सिंह,रविंदर सिंह, जसबीर सिंह, हरभजन सिंह, ,त्रिलोचन सिंह, गुरूबख्श सिंह,रोकड़िया मित्र मंडल के सदस्य आदि उपस्थित रहे।

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