सेंधवा में मोहर्रम की 8वीं तारीख पर निकला पारंपरिक संदल जुलूस, हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
मोती बाग इमामबाड़ा से शुरू होकर प्रमुख मार्गों से गुजरा जुलूस, प्रशासन और नगर पालिका रही पूरी तरह मुस्तैद

जनोदय पंच। सेंधवा में मोहर्रम की 8वीं तारीख पर बुधवार रात पारंपरिक संदल जुलूस निकाला गया, जिसमें मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए। मोती बाग इमामबाड़ा से शुरू हुआ जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। आयोजन के दौरान पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका पूरी तरह सतर्क रही तथा सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए।
मोहर्रम की 8वीं तारीख पर आयोजित पारंपरिक संदल जुलूस की शुरुआत मोती बाग इमामबाड़ा क्षेत्र से हुई। इसके बाद जुलूस मौलाना आजाद चौक, भवानी चौक, पुराना बस स्टैंड सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। देर रात तक चले इस धार्मिक आयोजन में मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए।

युवाओं ने निभाई पारंपरिक धार्मिक रस्में
जुलूस में शामिल युवाओं ने पारंपरिक तरीके से संदल लेकर धार्मिक रस्मों का निर्वहन किया। किले गेट जुलूस का प्रमुख पड़ाव रहा, जहां बड़ी संख्या में मुस्लिम युवा एकत्रित हुए। यहां से श्रद्धालु संदल लेकर अपने-अपने ताजियों की ओर रवाना हुए।
आयोजन के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क रहा। एडिशनल एसपी धीरज बब्बर, एसडीओपी अजय वाघमारे, शहर थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाह सहित पुलिस बल लगातार शहर में भ्रमण करता नजर आया। जुलूस मार्ग, प्रमुख चौराहों और विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।

नगर पालिका ने संभाली आवश्यक व्यवस्थाएं
नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। जुलूस मार्ग पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। नगर पालिका कर्मचारियों ने पूरे मार्ग पर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका के समन्वित प्रयासों से संदल जुलूस शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हुआ तथा शहर में धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली।





