सेंधवा में प्राध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर वर्षों से लंबित छह सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग उठाई
चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण में काली पट्टी की जगह सामूहिक ज्ञापन सौंपकर शासन का ध्यान आकर्षित किया

जनोदय पंच। वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेंधवा के प्राध्यापकों ने मुख्यमंत्री के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर कई वर्षों से लंबित छह सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की। यह कार्रवाई प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण के तहत की गई
वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेंधवा, जिला बड़वानी के प्राध्यापकों ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कई वर्षों से लंबित वैधानिक मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की गई। यह कार्यक्रम प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ द्वारा घोषित चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण के अंतर्गत आयोजित किया गया।
भोपाल बैठक के निर्णय के बाद शुरू हुआ दूसरा चरण
प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के बड़वानी जिलाध्यक्ष डॉ दिनेश कनाड़े ने बताया कि संघ की प्रबंधकारिणी की 9 जुलाई को भोपाल में आपात बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में निर्णय लिया गया कि 10 जुलाई से प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक काली पट्टी बांधकर कार्य करने के स्थान पर मुख्यमंत्री के नाम सामूहिक ज्ञापन सौंपेंगे और वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण की मांग करेंगे।
छह सूत्रीय मांगों को लेकर जताया विरोध
संघ के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक, क्रीड़ा अधिकारी एवं ग्रंथपाल 1 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन के प्रथम चरण में काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज करा चुके हैं। संघ का कहना है कि बार-बार ज्ञापन देने और चर्चा के बावजूद वर्षों से लंबित मांगों का निराकरण नहीं किया गया। कुछ मांगें लगभग 20 वर्षों से लंबित हैं। संघ ने बैकलॉग असिस्टेंट प्रोफेसरों की परिवीक्षा अवधि समाप्त कर यूजीसी नियमानुसार कैरियर एडवांसमेंट का लाभ देने, आवश्यक योग्यता अर्जित करने के लिए वर्ष 2028 तक अवसर देने, क्रीड़ा अधिकारियों एवं ग्रंथपालों को पदनाम, पे-मैट्रिक्स-14 तथा 65 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु का लाभ देने, वर्ष 2009, 2011 एवं 2019 में नियुक्त नियमितीकरण से वंचित असिस्टेंट प्रोफेसरों की परिवीक्षा अवधि समाप्त कर कैरियर एडवांसमेंट देने, पात्रता अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर पदनाम प्रदान करने, सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन, वेतन निर्धारण, अर्जित अवकाश एवं समूह बीमा भुगतान को प्राथमिकता देने तथा सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार परामर्शदात्री समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग दोहराई।
महाविद्यालय के प्राध्यापक रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ की तहसील इकाई सेंधवा के अध्यक्ष डॉ एम एल अवाया, सचिव डॉ महेश बाविस्कर, सहसचिव डॉ संतोषी अलावा, सहसचिव डॉ जितेश्वर खरते, कोषाध्यक्ष डॉ किशोर सोलंकी, डॉ संतरा चौहान, डॉ विक्रम जाधव, प्रो मीतू मोतियानी, डॉ संगीता परमार, प्रो अरूण सेनानी, प्रो दीपक मरमट, प्रो विरेन्द्र मूवेल, डॉ अखलाक खान, प्रो जितेन्द्र सूर्यवंशी, प्रो राजेश नावड़े, प्रो सायसिंह अवास्या, प्रो परमसिंह बरडे, प्रो संतोष पटेल, प्रो निलेश ठाकुर, प्रो नितिन डावर, प्रो भारतसिंह जामोद, प्रो शुभम वर्मा, प्रो रेखा पंवार, प्रो सूरज वास्केल तथा प्रो आयुश्री अलावे उपस्थित रहे।



