बड़वाह। 17 वर्ष बाद बेटी के आगमन पर केक काट कर मनाई खुशिया…. गांव ने किया भव्य स्वागत..

कपिल वर्मा बड़वाह। कहते हैं कि जब घर में बेटी का जन्म होता है तो मानो स्वयं माँ लक्ष्मी का आगमन होता है। ऐसा ही भावनात्मक और हर्षोल्लास से भरा दृश्य बड़वाह में ग्राम खेड़ी टांडा में देखने को मिला, जहाँ राकेश नायक एवं उनकी पत्नी सोनाबाई नायक के घर विवाह के 17 वर्ष बाद पुत्री रत्न की प्राप्ति हुई।
जानकारी के अनुसार राकेश नायक एवं सोनाबाई नायक का विवाह वर्ष 2008 में हुआ था। संतान प्राप्ति के लिए उन्होंने मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों के अनेक चिकित्सकों एवं अस्पतालों में वर्षों तक उपचार कराया, लेकिन सफलता नहीं मिली। लंबे इंतजार, धैर्य और उपचार के बाद आखिरकार उनके घर एक कन्या ने जन्म लिया, जिसका नाम सान्वी (देवी लक्ष्मी) रखा गया है।
बेटी के जन्म की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्राम खेड़ी टांडा के ग्रामीणों, परिजनों एवं समाजजनों ने इसे केवल संतान प्राप्ति का अवसर नहीं, बल्कि माँ लक्ष्मी के आगमन के रूप में मनाया। पूरे उत्साह के साथ मिठाइयाँ वितरित की गईं, शुभकामनाएँ दी गईं तथा परिवार के साथ इस सुखद पल को साझा किया गया।
परिजनों का कहना है कि 17 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद बेटी का जन्म उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। परिवार ने इस पल को जीवन का सबसे बड़ा उपहार बताते हुए कहा कि आज उनके घर केवल एक बच्ची नहीं, बल्कि साक्षात लक्ष्मी का आगमन हुआ है।
इस अवसर पर परिवार एवं समाज के लोगों ने सफल उपचार एवं सुरक्षित प्रसव के लिए डॉ. मोहिनी ठाकुर तथा बड़वाह में एचएम हॉस्पिटल के चिकित्सकों एवं समस्त स्टाफ का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की समर्पित चिकित्सा सेवाओं, उचित मार्गदर्शन एवं देखभाल के कारण वर्षों से संजोया गया उनका सपना साकार हो सका।
यह प्रेरणादायक घटना समाज में यह संदेश भी देती है कि आधुनिक चिकित्सा, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ कई वर्षों की कठिनाइयों के बाद भी खुशियाँ दस्तक दे सकती हैं। बेटी के जन्म को पूरे समाज द्वारा उत्सव के रूप में मनाना नारी सम्मान एवं “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे सामाजिक संदेशों को भी सशक्त बनाता है।


