बड़वानी में छात्रावास अधीक्षिका पर छात्राओं के गंभीर आरोप, हटाने की मांग को लेकर सहायक आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन
बड़वानी के शासकीय कन्या छात्रावास में प्रवेश के बदले राशि लेने के आरोप, 48 छात्राओं ने खोला मोर्चा

जनोदय पंच। बड़वानी के वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय सीनियर कन्या छात्रावास की 48 छात्राओं ने अधीक्षिका वंदना पटेल पर प्रवेश, भोजन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर आरोप लगाते हुए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया। सहायक आयुक्त रंजना सिंह ने मामले की जांच कराने की बात कही।
वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय सीनियर कन्या छात्रावास की 48 छात्राएं गुरुवार को सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय पहुंचीं और अधीक्षिका वंदना पटेल को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। छात्राओं ने छात्रावास संचालन से जुड़ी विभिन्न शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।

प्रवेश और छात्रवृत्ति राशि को लेकर लगाए आरोप
छात्रा शिवानी अंबाराम सोलंकी ने आरोप लगाया कि छात्रावास में प्रवेश दिलाने के लिए छात्राओं से राशि मांगी जाती है। उनका कहना था कि जिन छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति की राशि आती है, उनसे भी पैसे लिए जाते हैं। छात्राओं के अनुसार अब तक 13 से अधिक छात्राओं से 13 हजार से 18 हजार रुपये तक लिए जाने के आरोप हैं। शिवानी अंबाराम सोलंकी ने यह भी कहा कि पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और शिकायत करने पर छात्राओं को धमकाया जाता है। छात्राओं ने कटोरा निवासी राधिका का उदाहरण देते हुए बताया कि सूची में नाम होने के बावजूद देर से पहुंचने का हवाला देकर उसे प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि छात्राओं ने यह भी स्वीकार किया कि उनके पास आरोपों के समर्थन में कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है और अधिकारी उनसे साक्ष्य मांग रहे हैं।

भोजन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
छात्राओं ने छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता पर भी असंतोष जताया। उनका कहना है कि भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं है और सब्जी के लिए भी उनसे ही पैसे लाने को कहा जाता है। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए छात्राओं ने बताया कि शाम 5 बजे के बाद पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित होने के बावजूद एक व्यक्ति शाम 7 से 8 बजे तक छात्रावास में मौजूद रहता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक अंशुमन धनगर ने कहा कि रोटरी स्कूल के पास स्थित इस छात्रावास से पिछले एक वर्ष से शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए पैसे लिए जा रहे हैं तथा छात्राओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। उनके अनुसार कई बार ज्ञापन देने के बावजूद समाधान नहीं निकला, जिसके बाद प्रदर्शन किया गया।

अधीक्षिका ने आरोपों का किया खंडन, जांच के निर्देश
अधीक्षिका वंदना पटेल ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वह पिछले चार दिनों से अवकाश पर थीं। उनके अनुसार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता बिना अनुमति छात्रावास में प्रवेश कर भोजन की जांच करने लगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रावास में आए युवक उनके भाई थे, जो आपात स्थिति में पहुंचे थे। सब्जी के संबंध में उन्होंने कहा कि छात्राओं से केवल अपनी पसंद की सब्जी लाने की बात कही गई थी। उन्होंने बताया कि छात्रावास में लगभग 50 छात्राओं की जिम्मेदारी है और अनुशासन बनाए रखने के लिए कभी-कभी डांटना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले 12 वर्षों से छात्रावास में कार्यरत हैं। सहायक आयुक्त रंजना सिंह ने कहा कि छात्राओं द्वारा लगाए गए भोजन की गुणवत्ता, दुर्व्यवहार और पैसे लेने के आरोपों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पैसे लेने का कोई लिखित प्रमाण अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है तथा जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


