राजपुर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, तीन डॉक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
लोकायुक्त इंदौर का बड़ा ट्रैप, मरीज भेजने के बदले कमीशन लेने वाले डॉक्टर पकड़े गए

मध्य प्रदेश के राजपुर से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां मरीजों को निजी लैब भेजने के बदले कथित कमीशन मांगने वाले तीन डॉक्टरों को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आखिर कैसे हुआ पूरा ट्रैप, देखिए इस रिपोर्ट में।
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के राजपुर में लोकायुक्त की बड़ी ट्रैप कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार के नेटवर्क को उजागर कर दिया है।
लोकायुक्त इंदौर की टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर में पदस्थ तीन डॉक्टरों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
इस मामले में शिकायतकर्ता अदनान अली हैं, जो अपने पिता की सेवा पैथोलॉजी लैब में मैनेजर के तौर पर काम करते हैं। शिकायत के मुताबिक, अस्पताल से मरीजों को उनकी लैब में जांच के लिए भेजने के बदले डॉक्टरों द्वारा कमीशन लिया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, पहले जांच राशि का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा लिया जाता था, लेकिन पिछले महीने से कथित तौर पर कमीशन की मांग बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई थी।
शिकायत में बताया गया कि मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित शाक्य ने 18 हजार रुपए, मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिव्या साईं ने 8 हजार रुपए और संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोहर गोदारा ने 21 हजार 800 रुपए की रिश्वत राशि मांगी थी।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने 4 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय, विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त टीम द्वारा शिकायत का सत्यापन किया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। बाद में आरोपी डॉक्टर कम राशि लेने पर सहमत हुए। ट्रैप प्लान के तहत डॉ. अमित शाक्य 8 हजार रुपए, डॉ. दिव्या साईं 5 हजार रुपए और डॉ. मनोहर गोदारा 12 हजार रुपए लेने पर तैयार हुए। 7 मई 2026 को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई में डीएसपी सुनील तालान, कार्यवाहक निरीक्षक रेनू अग्रवाल सहित लोकायुक्त की विशेष टीम शामिल रही। आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है।



