बड़वानी कोतवाली पुलिस की बड़ी सफलता, 100 से ज्यादा सीसीटीवी खंगालकर पुलिस ने दो नकबजनी मामलों का किया खुलासा
कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 लाख 10 हजार रुपये मूल्य का मशरूका जप्त किया।

जनोदय पंच। बड़वानी जिले में “ऑपरेशन हवालात” के तहत कोतवाली पुलिस ने आदतन नकबजनी आरोपी लोकेन्द्र उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर दो चोरी मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 लाख 10 हजार रुपये मूल्य के मोबाइल, चांदी के आभूषण और नगदी जप्त की है।
पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में जिले में चोरी, नकबजनी और लूट की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए “ऑपरेशन हवालात” अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर एवं एसडीओपी बड़वानी महेश सुनैय्या के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली बड़वानी पुलिस ने आदतन चोरी एवं नकबजनी के आरोपी लोकेन्द्र उर्फ छोटू पिता शैलेन्द्र कुशवाह, उम्र 20 वर्ष निवासी चांदशाह मोहल्ला बड़वानी को गिरफ्तार किया।
घरों में चोरी कर फरार हुआ था आरोपी
दिनांक 28 अप्रैल 2026 को फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि घर का ताला तोड़कर 03 एंड्रॉयड मोबाइल, एक जोड़ी चांदी की पायजब, 5000 रुपये नगद सहित अन्य सामान चोरी कर लिया गया। वहीं 2 मई 2026 को फरियादिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि मकान की दूसरी मंजिल स्थित कमरे से एक अज्ञात व्यक्ति अलमारी से सामान चोरी कर भाग गया और धक्का देने से वह घायल भी हो गई। जांच में नगदी राशि और चांदी के आभूषण चोरी होना पाया गया। दोनों मामलों में थाना कोतवाली बड़वानी में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से मिली सफलता
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच कर तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्य जुटाए। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी लोकेन्द्र उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने दोनों वारदातें करना स्वीकार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर केंद्रीय जेल बड़वानी भेजा गया। आरोपी के खिलाफ पहले से चोरी और लड़ाई-झगड़े के तीन मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपी से एक जोड़ी चांदी की पायजब, 03 एंड्रॉयड मोबाइल, 5000 रुपये नगद, एक चांदी की चेन, दूसरी जोड़ी चांदी की पायजब एवं 15000 रुपये नगद सहित कुल 1 लाख 10 हजार रुपये मूल्य का मशरूका जप्त किया। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक बलजीत सिंह, उप निरीक्षक रवि ठाकुर, प्रधान आरक्षक जगजोध सिंह, आरक्षक हितेंद्र, आत्माराम, पुरुषोत्तम एवं अंतर की भूमिका सराहनीय रही।


