बड़वानी के निवाली में अंधे हत्याकांड का खुलासा, घोड़ल्यापानी में हत्या के मामले में आरोपी गिरफ्तार
मर्ग जांच में सामने आया हत्या का मामला, राजेश उर्फ बदु चौहान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा

जनोदय पंच। बड़वानी जिले के निवाली थाना क्षेत्र के ग्राम घोड़ल्यापानी के पटेल फल्या में एक व्यक्ति की संदिग्ध मृत्यु के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। जांच में हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम घोड़ल्यापानी के पटेल फल्या में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु होने की सूचना मिली थी। इस पर निवाली थाना पुलिस ने 6 अक्टूबर 2026 को मर्ग क्रमांक 31/2026, धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला कायम कर जांच शुरू की थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर और राजपुर एसडीओपी बद्रीलाल अटोदे के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जांच की गई। इस दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, संबंधित व्यक्तियों और साक्षियों के कथन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा उपलब्ध भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।
पुलिस के मुताबिक, साक्ष्यों के वैज्ञानिक परीक्षण से पता चला कि व्यक्ति की मृत्यु सामान्य नहीं थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी।
हत्या के आरोप में राजेश उर्फ बदु गिरफ्तार
जांच में हत्या का तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेश उर्फ बदु पिता मांगीलाल चौहान (30), निवासी पटेल फल्या, ग्राम घोड़ल्यापानी को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना निवाली में अपराध क्रमांक 214/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्रकरण दर्ज किया। विधिवत गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
इस मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर और एसडीओपी राजपुर बद्रीलाल अटोदे के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में किया गया। पुलिस प्रकरण के अन्य पहलुओं और संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
अंधे हत्याकांड का खुलासा करने और आरोपी को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी उप निरीक्षक रवि ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके साथ सहायक उप निरीक्षक अशोक चौहान, कमलेश कुशवाह, लोकेश पाटील, रमेश यादव और उमाशंकर मंडलोई ने कार्रवाई में सहयोग किया।
इसके अलावा साइबर सेल से प्रधान आरक्षक योगेश पाटील, थाना स्टाफ तथा जांच दल के अधिकारी-कर्मचारियों की भी सराहनीय भूमिका रही।




