सेंधवा में राष्ट्र सेविका समिति ने संस्कार केंद्र के बच्चों संग मनाई दीपावली, मिठाई बांटकर दिया सुरक्षा और संस्कारों का संदेश
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बच्चों ने लिया उत्साह से हिस्सा, सही जवाब देने वालों को किया पुरस्कृत; स्वच्छता, सद्भाव और भारतीय संस्कृति से जुड़ने की दी प्रेरणा।

जनोदय पंच। सेंधवा के दावल बेड़ी स्थित संस्कार केंद्र में राष्ट्र सेविका समिति ने लगभग 40 बच्चों के साथ सार्थक दीपावली मनाई। कार्यक्रम में मिठाई वितरण, सुरक्षित आतिशबाजी और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। बच्चों को दीपावली के धार्मिक, सांस्कृतिक महत्व और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
मां सरस्वती और भारत माता के चित्र पर किया माल्यार्पण
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर कार्यवाहिका अंतिम बाला शर्मा ने मां सरस्वती और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इसके बाद समिति की सदस्यों ने संस्कार केंद्र में अध्ययनरत बच्चों को मिठाइयां वितरित कीं। बच्चों के साथ सुरक्षित वातावरण में आतिशबाजी कर दीपावली का उत्सव मनाया गया। इस दौरान बच्चों को पटाखों के सुरक्षित उपयोग और उनसे जुड़ी सावधानियों की जानकारी भी दी गई।
बच्चों को बताया दीपावली का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
कार्यक्रम में समिति की सदस्यों ने बच्चों को बताया कि दीपावली भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या आगमन की खुशी में मनाई जाती है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। दीपावली जीवन में सकारात्मकता, प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग का संदेश देती है।

बच्चों को घरों और आसपास के स्थानों की साफ-सफाई के महत्व के बारे में भी बताया गया। समिति सदस्यों ने कहा कि स्वच्छता केवल त्योहार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। बच्चों को अपने घर, विद्यालय और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रश्नोत्तरी में सही जवाब देने वाले बच्चे पुरस्कृत
कार्यक्रम को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए दीपावली से जुड़े प्रश्न पूछे गए। प्रश्नोत्तरी में भगवान श्रीराम, माता सीता, अयोध्या आगमन, दीपावली की परंपराओं और त्योहार के महत्व से संबंधित सवाल शामिल रहे। बच्चों ने उत्साहपूर्वक जवाब दिए। सही उत्तर देने वाले बच्चों को समिति की ओर से पुरस्कृत किया गया।
समिति सदस्यों ने भारतीय संस्कृति और संस्कारों पर रखे विचार
समिति सदस्य लक्ष्मी शर्मा ने दीपावली के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर विचार व्यक्त किए। ज्योत्सना अग्रवाल ने भारतीय परंपराओं और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को अच्छे संस्कार अपनाने का संदेश दिया। नीलू वर्मा ने स्वच्छता, सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव का महत्व समझाते हुए बच्चों को भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।

नगर कार्यवाहिका अंतिम बाला शर्मा ने कहा कि त्योहारों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम अपनी खुशियों को समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ साझा करें। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना, उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना तथा उनमें अच्छे संस्कार विकसित करना ही इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।
समिति की सदस्य रहीं उपस्थित
कार्यक्रम में अंतिम बाला शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, पूजा ठक्कर, नीलू वर्मा, जोशना अग्रवाल, कीर्ति सेन, ललिता सेवदे, अर्चना गुले, युक्ता वर्मा और लक्षिता उपस्थित रहीं।



