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बड़वानी में जश्न-ए-शहीदाने कर्बला और ख्वाजा गरीब नवाज़ की छठी शरीफ़ का पैग़ाम-ए-इंसानियत के साथ एहतमाम

बड़वानी। माह-ए-मुहर्रम की 01 तारीख़ से लेकर 07 मुहर्रम तक कस्बा, गाँव, शहर, ज़िले और मुल्को-बिरून-ए-मुल्क में शहीदाने कर्बला की याद में क़ुरआन ख़्वानी, तक़रीरों, लंगर और सबील का एहतमाम किया गया। हर रोज़ यही रूहानी सिलसिला जारी है।

हर साल की तरह इस साल भी बड़वानी के पानवाड़ी मोहल्ला स्थित ख्वाजा गरीब नवाज़ की खानकाह बड़ी चिश्तिया पर सभी ज़ायरीनो ने लंगर-ए-महाप्रसादी ग्रहण की। ख्वाजा गरीब नवाज़ की छठी शरीफ़ के मनाई गई, जिसे पूरी दुनिया में ख्वाजा के चाहने वाले अकीदत व मोहब्बत के साथ मनाते हैं।

जामा मस्जिद के पेश इमाम हज़रत अब्दुल जब्बार नूरी साहब ने 5 दिनों तक जारी रहे जश्न-ए-शहीदाने कर्बला के बयान और बाइट के ज़रिए देश-दुनिया को शहीदाने कर्बला की अज़ीम क़ुर्बानी और ख्वाजा गरीब नवाज़ की छठी शरीफ़ की तफ़सीर बयान की। उन्होंने कहा कि कर्बला का वाक़िया हक़ और बातिल की लड़ाई का वो मिसाल है जो इंसानियत, सब्र, ईसार और इंसाफ़ का सबक़ देता है।

प्रोग्राम में शायर आरिफ़ शेख इक़रा ने नात-ए-पाक और मनकबत पेश किया। सुन्नत मुस्लिम जमाअत व दारुल क़ज़ात बड़वानी के इमामों, हाफ़िज़ों और मुक्तादियों ने भी बारगाह-ए-रसूल में नात-ए-शरीफ़ का नज़राना पेश किया। कार्यक्रम में कई समाजसेवी, बुज़ुर्ग और आम अवाम शरीक रही।

इक़रा भवन और अलग-अलग मोहल्लों में मस्तूरात के लिए वाइज़-ओ-तक़रीर के प्रोग्राम आयोजित किए गए, जो 10 मुहर्रम तक जारी रहेंगे। शहीदाने कर्बला की क़ुर्बानियों को याद रखते हुए इबादत, एहतिराम और इंसानियत को सर्वोपरि रखकर अमन-ओ-अमान और नेक कामों की हिदायत के साथ ये प्रोग्राम बड़वानी सुन्नत मुस्लिम जमात के इमाम और सदर साहब की सदारत में आयोजित किए गए।

जामा मस्जिद में सभी इमामों के इस्तकबालिया प्रोग्राम के साथ, उमराह पर जाने वाले, अनीस कुरैशी (चाचा)ओर कारी हसीरुद्दीन पेश इमाम, शाही मस्जिद वालो का भी, इस्तकबाल किया गया।

07 मुहर्रम को नन्हे बच्चों को मन्नती शेर की शक्ल में बुज़ुर्गों की बारगाहों पर हाज़िरी के लिए सवारी के साथ ले जाया गया। 10 मुहर्रम तक होने वाले कार्यक्रम इसी रूहानी माहौल में जारी रहेंगे। यह तमाम जानकारी मुस्लिम समाज के पूर्व मीडिया प्रभारी जनाब अब्दुल सादिक चंदेरी द्वारा कवरेज के ज़रिए सभी मीडिया संस्थानों तक पहुँचाई गई।

 

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