बड़वानी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योगाभ्यास, स्वस्थ जीवन का दिया गया संदेश
शासकीय आदर्श महाविद्यालय में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का किया अभ्यास

जनोदय पंच। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित की उपस्थिति में योग दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने योग की विभिन्न क्रियाओं में सहभागिता कर स्वस्थ, संतुलित एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक सूर्य नमस्कार से किया गया। इसके बाद विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। योगाभ्यास के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने विभिन्न योग मुद्राओं का प्रदर्शन करते हुए उनके शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की जानकारी दी। विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

योग को बताया भारत की अमूल्य धरोहर
प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने कहा कि योग हमारी प्राचीन वसीयत है, जिसका पुनर्जागरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुआ और इसे वैश्विक पहचान मिली। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ, संतुलित एवं सफल जीवन का आधार है। कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास के माध्यम से उपस्थित प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
विशेषज्ञों ने बताए योग के शारीरिक और मानसिक लाभ
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. दिनेश पाटीदार, क्रीड़ा अधिकारी डॉ. राजेंद्र चौहान एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी प्रो. राजाराम मुवेल ने योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. दिनेश पाटीदार ने कहा कि योग जीवन की सर्वश्रेष्ठ निजी संपत्ति है, जो व्यक्ति को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। वहीं डॉ. राजेंद्र चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी एवं प्राकृतिक समाधान बनकर उभरा है।

कार्यक्रम के दौरान योगासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, प्राणायाम तथा ध्यान का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने के उद्देश्य से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। सभी वक्ताओं ने समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।
प्राध्यापक एवं कर्मचारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविन्द्र चौहान, डॉ. दिनेश पाटीदार, डॉ. आकाश, प्रो. राजाराम मुवेल, डॉ. अंतिमबाला जायसवाल, प्रो. ममता किराड़े सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा इसके प्रचार-प्रसार का संकल्प व्यक्त किया।



