बड़वानी में त्यौहारों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की तैयारी तेज, जुलूस मार्गों और सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर
पुलिस अधीक्षक ने आसूचना संकलन अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में दिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

जनोदय पंच। आगामी त्यौहारों को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। गणेश चतुर्थी, डोल ग्यारस और अनंत चतुर्दशी के जुलूसों के दौरान पंडालों व मार्गों पर निगरानी, सोशल मीडिया पर नजर और कार्यक्रमों के लिए प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य करने को कहा गया है।

आसूचना संकलन अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक
10 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बड़वानी में पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल की अध्यक्षता में आसूचना संकलन करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, उप पुलिस अधीक्षक चेतन सिंह बघेल, जिला विशेष शाखा प्रभारी श्रीमती रेखा वास्के मंडलोई और सहायक उप निरीक्षक जीवन चांदोरे (जिविशा) सहित जिले के सभी थानों में कार्यरत आसूचना संकलन अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

त्यौहारों को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश
आगामी त्यौहारों—गणेश चतुर्थी, डोल ग्यारस और अनंत चतुर्दशी विसर्जन जुलूस को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने सभी आसूचना अधिकारियों को पूरी तरह सक्रिय रहकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
गणेश पंडालों और शोभायात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने की हिदायत दी गई। साथ ही थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में त्यौहारों से पहले शांति समिति की बैठकें आयोजित करने और समाज के गणमान्य नागरिकों से समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए।
सोशल मीडिया पर 24×7 निगरानी
बैठक में व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट सामने आने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने के आदेश दिए गए।
ऐसी पोस्ट के संबंध में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जुलूस मार्गों और कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण
थाना प्रभारियों को जुलूस मार्गों और कार्यक्रम स्थलों का बारीकी से निरीक्षण कर सुरक्षा के समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही आयोजकों और जनसामान्य से अपील की गई है कि किसी भी धार्मिक अथवा सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन प्रशासन से विधिवत अनुमति प्राप्त करने के बाद ही करें।


