बड़वानी; कलेक्टर की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न, अपार आईडी और शत-प्रतिशत नामांकन को प्राथमिकता देने के निर्देश

बड़वानी; कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागृह बड़वानी में शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री रवि वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री ज्योति पटेल, जिला परियोजना समन्वयक सुश्री सोनालिका अछाले सहित समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनशिक्षक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों के नामांकन को गति देने और विभागीय प्राथमिकताओं को समय सीमा में पूरा करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में कक्षा पहली में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। कलेक्टर ने बताया कि वर्तमान में जिले में 96 प्रतिशत नामांकन दर्ज किया जा चुका है, जिसे बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। इसके साथ ही बैठक में कक्षा पहली से 12वीं तक जितने भी बच्चे नामांकन के लिए शेष रह गए हैं, उनकी स्कूलवार गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इस कार्य को अत्यधिक महत्वपूर्ण बताते हुए सभी जनशिक्षकों को पूरी गंभीरता से कार्य करने और एक सप्ताह के भीतर अंतिम अवसर के रूप में नामांकन का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला समन्वयक अधिकारी को ऐसे स्कूलों की फील्ड में जाकर भौतिक रूप से पुष्टि करने के निर्देश दिए गए हैं जहाँ नामांकन दर 90 प्रतिशत से कम दर्ज की गई है।
यूडाइस पोर्टल पर अपार आईडी जनरेट करने के कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को इसे प्राथमिकता पर रख कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शेष बचे हुए विद्यार्थियों की अपार आईडी जनरेट करने के कार्य की गति बढ़ाने के लिए नियमित रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर निदेशित की जाए। इस कार्य में जनशिक्षकों द्वारा की गई प्रगति की भी बैठक में बारीकी से समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि अब से हर सप्ताह स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शालाओं में राज्य शिक्षा केंद्र का पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से चस्पा होना चाहिए और शिक्षक नियमित रूप से सभी विषयों का अध्यापन सुनिश्चित करें, केवल एक ही विषय पर ध्यान न दिया जाए। साथ ही, शिक्षकों को पुराना बचा हुआ पाठ्यक्रम भी समय पर पूरा कराने को कहा गया। जनशिक्षकों और शिक्षकों को स्कूल भवनों की स्थिति व रख-रखाव का नियमित निरीक्षण करने की हिदायत दी गई। इसके साथ ही स्कूलों में मिलने वाले पोषण आहार की नियमित रूप से प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।



