वंदेमातरम गीत राष्ट्र की संपूर्णता का प्रतीक’ : विद्यार्थियों को कराया इतिहास से परिचित

बड़वानी; शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार राष्ट्रभक्ति के भाव को जागृत करने एवं राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व से विद्यार्थियों को अवगत कराने के उद्देश्य से प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित के मार्गदर्शन में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के माध्यम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख विषय ‘राष्ट्रभक्ति का गान—वंदे मातरम्’ रहा। कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यार्थियों एवं उपस्थित प्राध्यापकों द्वारा सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉक्टर प्रमोद पंडित ने कहा कि वंदे मातरम राष्ट्रीय आंदोलन में क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा का सूत्र था वंदे मातरम राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीयता की भावना का गीत है यह हम सबको आत्मसात करना चाहिए हमारे जीवन में वंदे मातरम केवल एक की तान होकर कर्तव्य की भावना को दृढ़ करने का माध्यम है।
स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के जिला नोडल डॉ. अनिल पाटीदार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास, इसकी रचना, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका तथा भारतीय जनमानस में इसके महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान राष्ट्रभक्ति और स्वाधीनता की चेतना का सशक्त प्रतीक रहा है। इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन में लोगों के भीतर देश के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को केवल पाठ्यक्रम का हिस्सा न मानें, बल्कि उनके पीछे निहित राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक समरसता की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में डॉ. बी.एस. मुजाल्दा, डॉ. दिनेश पाटीदार, प्रो. राजाराम मुवेल, डॉ. गीतांजलि दासौंधी डॉ. सुनीता सोलंकी तथा डॉ. डी.आर. मुजाल्दा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों में आयुषी बामनिया, उषा प्रजापत, दीपिका धनगर, कृष्णा पाटीदार, आदित्य, अजय, अमित, नीरज सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि राष्ट्रीय गीतों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से युवा पीढ़ी में देश के गौरवशाली इतिहास के प्रति रुचि और सम्मान विकसित किया जा सकता है। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित में कार्य करने तथा देश की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।




