सेंधवा में करोड़ों की फसल गायब होने पर नया मोड़, व्यापारियों ने वेयरहाउसिंग कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप
व्यापारियों ने कंपनी पर माल की सुरक्षा में लापरवाही और बैंक को गलत जानकारी देने के आरोप लगाए

जनोदय पंच।सेंधवा में कपास और चना गायब होने के मामले में व्यापारी पक्ष ने स्टार एग्री वेयरहाउसिंग कंपनी के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। कैलाश, निलेश और पीयूष खंडेलवाल ने एसपी और सेंधवा ग्रामीण थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
सेंधवा में करोड़ों रुपए की फसल, कपास और चना, गायब होने के मामले में नया मोड़ आया है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद व्यापारी कैलाश, निलेश और पीयूष खंडेलवाल ने खुद पर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए स्टार एग्री वेयरहाउसिंग कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। इस संबंध में एसपी और सेंधवा ग्रामीण थाने में आवेदन सौंपा गया है।
माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी की होने का दावा
व्यापारी निलेश खंडेलवाल ने बताया कि उनकी फर्म का माल बैंक लोन के एवज में बनिहार स्थित वेयरहाउस में रखा गया था। उनके अनुसार, वेयरहाउस की देखरेख, माल की सुरक्षा, ताला-चाबी रखने और बैंक रसीद जारी करने की पूरी जिम्मेदारी स्टार एग्री कंपनी की थी। व्यापारियों का कहना है कि गोदाम से माल गायब होने की स्थिति में इसकी जवाबदेही कंपनी की बनती है।
पुलिस की मौजूदगी में खुला ताला
व्यापारियों के अनुसार, 24 जुलाई को पुलिस की मौजूदगी में वेयरहाउस का ताला खोला गया। इस दौरान अंदर उनका स्टॉक मौजूद नहीं मिला। व्यापारियों ने कंपनी के एमडी, सीईओ, मैनेजर और अन्य कर्मचारियों पर चोरी, गबन और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों पर डराने-धमकाने तथा बैंक को गलत जानकारी देकर गुमराह करने का आरोप भी लगाया है।
सीबीआई केस का आवेदन में दावा
व्यापारियों ने अपने आवेदन में दावा किया है कि स्टार एग्री वेयरहाउसिंग कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ पूर्व में सीबीआई द्वारा करीब 74.77 करोड़ रुपए के सरसों तेल घोटाले में केस दर्ज किया जा चुका है। यह दावा व्यापारियों ने अपने आवेदन में किया है।
दोनों पक्षों के आरोप, जांच से सामने आएगी स्थिति
इससे पहले कंपनी की शिकायत पर व्यापारी पक्ष के खिलाफ भी गबन और धोखाधड़ी का केस दर्ज हो चुका है। अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर धोखाधड़ी के आरोप लगा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मामले की पूरी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।




