वरला में वाहन चोरी का खुलासा, सूचीबद्ध गुंडा बदमाश गिरफ्तार, चोरी की बाइक और मोबाइल बरामद
पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में गठित टीम की कार्रवाई, मुखबिर की सूचना पर आरोपी गिरफ्तार

जनोदय पंच। थाना वरला पुलिस ने वाहन चोरी के मामले का खुलासा करते हुए सूचीबद्ध गुंडा बदमाश मनोज बंजारा को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी की बजाज पल्सर मोटरसाइकिल और रेडमी मोबाइल बरामद किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
मुखबिर की सूचना पर आरोपी तक पहुंची पुलिस
बड़वानी पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में थाना प्रभारी वरला निरीक्षक नारायण रावल द्वारा वाहन चोरी के प्रकरण में अज्ञात आरोपी की तलाश और चोरी गई मोटरसाइकिल की बरामदगी के लिए पुलिस टीम गठित की गई थी। 9 मई 2026 को फरियादी संजय पिता गिलदार भुगवाडे, निवासी गंगानगर बलवाड़ी की रिपोर्ट पर थाना वरला में अपराध क्रमांक 94/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। रिपोर्ट में बताया गया था कि अज्ञात बदमाश घर के आंगन में खड़ी बजाज एनएस पल्सर 125 मोटरसाइकिल, घर के अंदर खिड़की के पास रखा रेडमी कंपनी का मोबाइल तथा मोटरसाइकिल की चाबी चोरी कर ले गया था।
चोरी की बाइक और मोबाइल बरामद
विवेचना के दौरान 13 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि थाना का सूचीबद्ध गुंडा बदमाश मनोज बंजारा चोरी की मोटरसाइकिल बेचने की फिराक में गेरुघाटी की ओर जाने वाला है। सूचना पर पुलिस टीम ने दुधखेड़ा फाटा पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। उसके कब्जे से बिना नंबर प्लेट की बजाज पल्सर मोटरसाइकिल बरामद हुई। चेसिस और इंजन नंबर के मिलान में यह मोटरसाइकिल अपराध क्रमांक 94/26 में चोरी गई पाई गई। पूछताछ में आरोपी ने मोटरसाइकिल और रेडमी मोबाइल चोरी करना स्वीकार किया, जिसके बाद दोनों सामान जब्त कर लिए गए।
आरोपी के खिलाफ दर्ज हैं नौ प्रकरण
गिरफ्तार आरोपी मनोज पिता जगन पंवार, जाति बंजारा, उम्र 45 वर्ष, निवासी बलवाड़ी है। पुलिस के अनुसार आरोपी थाना वरला का सूचीबद्ध गुंडा बदमाश और आदतन अपराधी है। उसके विरुद्ध थाना वरला में जुआ-सट्टा, मारपीट, लूट, धोखाधड़ी और फिरौती सहित कुल नौ अपराध दर्ज हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। कार्रवाई में निरीक्षक नारायण रावल, प्रधान आरक्षक 428 दीपक सिसोदिया, प्रधान आरक्षक 37 अनिल सोलंकी, आरक्षक 419 मयंक यादव, आरक्षक 403 विपेसिंह सोलंकी एवं आरक्षक 257 अरविंद कुशवाह की भूमिका रही।



