खेतिया में श्रद्धा और उल्लास के साथ कानबाई माता की स्थापना

शंकर शिरसाठ। खेतिया। नगर में शनिवार-रविवार को भक्ति और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला। यहाँ हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कानबाई माता की स्थापना बड़े ही हर्षाेल्लास और विधि-विधान के साथ की गई।
शनिवार को महिलाओं द्वारा सप्तया का पूजन किया गया। परंपरा अनुसार सप्तया पूजन के बाद घर-घर में विशेष रूप से रोट दले गए। रोट बनाने के लिए गेहूं को साफ कर चक्की पर दलने की परंपरा का निर्वहन किया गया, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

रविवार को सुबह से ही नगर में भक्तिमय माहौल रहा। ढोल-नगाड़े और बाजे-गाजे के साथ माता कानबाई को पूरे सम्मान के साथ घर लाया गया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाए और युवतियों ने सिर पर माता को रखकर नृत्य किया। पूरे रास्ते ष्कानबाई माता की जयष् के जयकारे गूंजते रहे।

घर लाने के पश्चात माता को विधि-विधान से स्थापित कर पूरन पोली का नैवेद्य दिखाया गया। मान्यता है कि कानबाई माता खानदेश और निमाड़ अंचल की लोकदेवी हैं, जो सुख-समृद्धि और अच्छी फसल का प्रतीक हैं। विशेषकर नवविवाहित महिलाओं द्वारा इनकी पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।



