बड़वानी ; जल संरक्षण आने वाली पीढ़ी के लिए अनिवार्य – डॉ प्रमोद पंडित
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वाटर हार्वेस्टिंग एवं पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित

बड़वानी; शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन हेतु विशेष श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में NSS के सभी स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए महाविद्यालय भवन की छत से वर्षा जल को भूमि में संचय करने के उद्देश्य से वाटर हार्वेस्टिंग संरचना हेतु गड्ढों का निर्माण किया।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के निम,अशोक, आम ,आदि पौधों का रोपण भी किया तथा उनके संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण, भूजल स्तर में वृद्धि तथा पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देना रहा।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति को वर्षा जल संचयन की दिशा में प्रयास करना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. आर. आर. मुवेल ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि जल एवं पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। NSS स्वयंसेवक समाज में जागरूकता फैलाकर इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने “जल है तो कल है”, “वर्षा जल बचाएं, भविष्य सुरक्षित बनाएं” तथा “एक पेड़ मां के नाम, हरियाली से जुड़े हर इंसान” जैसे संदेशों के माध्यम से जल एवं पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया।
अंत में सभी स्वयंसेवकों ने जल संरक्षण, पौधों की सुरक्षा तथा पर्यावरण संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं NSS स्वयंसेवक उपस्थित रहे।




