बड़वानी में गांजे की अवैध खेती के मामले में आरोपी को 4 साल का कठोर कारावास, न्यायालय ने लगाया अर्थदंड
जामपाटी के खेत से 30 किलो 770 ग्राम गांजा हुआ था जब्त, पुलिस की विवेचना और अभियोजन की पैरवी के बाद 15 अक्टूबर को आया फैसला

जनोदय पंच। बड़वानी जिले में गांजे की अवैध खेती के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को चार वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। ग्राम जामपाटी के खेत से पुलिस ने 30 किलो 770 ग्राम गांजा जब्त किया था। मामले में 15 अक्टूबर 2026 को न्यायालय ने निर्णय सुनाया।
पुलिस के अनुसार, 27 मार्च 2023 को नागलवाड़ी थाने में पदस्थ उप निरीक्षक आर.एस. गुंडिया को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम जामपाटी के नवाड़ फल्या में सुभाष पिता सकरिया बारेला अपने खेत में कपास और तुवर की फसल के बीच गांजे के पौधे लगाकर अवैध खेती कर रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी जंगल की ओर भाग निकला। खेत की तलाशी लेने पर पुलिस ने 30 किलो 770 ग्राम अवैध गांजा जब्त किया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
विवेचना के बाद न्यायालय में पेश किया चालान
मामले में विवेचक उप निरीक्षक विजय रावत ने भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य संकलित किए। पुलिस के अनुसार, वैज्ञानिक तरीके से जांच पूरी कर निर्धारित समय-सीमा में न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
विशेष न्यायालय ने सुनाई चार साल की सजा
15 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायाधीश बड़वानी एल.डी. सोलंकी ने मामले में निर्णय सुनाया। पुलिस के अनुसार, न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के तर्कों और प्रस्तुत साक्ष्यों को स्वीकार करते हुए आरोपी सुभाष को चार वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया।
प्रकरण में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक जगदीश यादव ने पैरवी की।

पुलिस अधीक्षक ने विवेचक और अभियोजन अधिकारी की सराहना की
पुलिस अधीक्षक बड़वानी पद्मविलोचन शुक्ल ने मामले में पेशेवर विवेचना और प्रभावी अभियोजन पैरवी के परिणामस्वरूप आरोपी को सजा मिलने पर विवेचक उप निरीक्षक विजय रावत और अतिरिक्त लोक अभियोजक जगदीश यादव के कार्य की सराहना की।
बड़वानी पुलिस के अनुसार, जिले में मादक पदार्थों के अवैध क्रय-विक्रय और खेती के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




