बड़वानी के बीजापुरी में 23वीं रात्रि चौपाल आयोजित, 69 किसानों ने प्राकृतिक खेती के लिए कराया पंजीयन
कलेक्टर जयति सिंह की अध्यक्षता में किसानों को कृषि योजनाओं की जानकारी, पशुपालन की मैत्री योजना से गांवों में रोजगार के अवसरों पर जोर

जनोदय पंच। कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत सेंधवा विकासखंड के ग्राम बीजापुरी में 23वीं रात्रि चौपाल आयोजित की गई। कलेक्टर जयति सिंह की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती, पशुपालन, कपास उत्पादन और शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान 69 किसानों ने प्राकृतिक खेती के लिए पंजीयन कराया।
जिला प्रशासन और कृषि विभाग बड़वानी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिए रात्रि चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम बीजापुरी में आयोजित चौपाल में नेशनल मिशन ऑन नैचुरल फार्मिंग (NMNF) के तहत प्राकृतिक खेती के पंजीयन और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया समझाई गई।
कृषि विभाग ने बताया कि ग्राम पंचायत से 69 किसानों ने प्राकृतिक खेती के लिए पंजीयन कराया है। योजना के तहत प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को दो वर्षों तक प्रति एकड़ प्रतिवर्ष 4,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। वहीं, स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक खाद और जैविक कीटनाशक बनाने के लिए बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) स्थापित करने पर एक लाख रुपये तक की सहायता और निशुल्क प्रशिक्षण की जानकारी भी दी गई।

पशुपालन और मैत्री योजना से रोजगार के अवसर
पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने खेती के पूरक व्यवसाय के रूप में उन्नत पशुपालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय बताए। चौपाल में ग्रामीण महिलाओं ने बकरी पालन योजना में विशेष रुचि दिखाई।
बेरोजगार युवाओं को मैत्री (MAITRI—Multipurpose Artificial Insemination Technician in Rural India) कार्यकर्ता के रूप में प्रशिक्षण लेकर काम करने की जानकारी दी गई। इसके माध्यम से युवा अपने गांवों में पशुपालन संबंधी सेवाएं देकर आजीविका अर्जित कर सकते हैं।
कस्तूरी कॉटन और आधुनिक कृषि तकनीकों पर मार्गदर्शन
चौपाल में किसानों को कस्तूरी कॉटन भारत ब्रांड के मानकों की जानकारी दी गई। बताया गया कि गुणवत्तायुक्त कपास की प्रत्येक बेल पर जिनर्स को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।
कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए एचडीपीएस (हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम) पद्धति अपनाने, बेसल डोज, पोटाश और संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर भी तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया।
पंचायत, स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों की समस्याएं उठाईं
रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पंचायत भवन, स्कूल भवन और आंगनवाड़ी केंद्र भवन से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। जिला प्रशासन ने समस्याओं का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। साथ ही नवीन स्वीकृति के माध्यम से निर्माण कार्य जल्द कराने का आश्वासन दिया।

विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सहित कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, राजस्व और निर्माण विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा स्थानीय सरपंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक भी चौपाल में शामिल हुए।




