सेंधवा में ‘जय जोहार’ टिप्पणी विवाद पर आदिवासी समाज का आक्रोश, निलंबित TI रतन सिंह परिहार की बर्खास्तगी और FIR की मांग
राहुल सोलंकी के नेतृत्व में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, DGP और SP बड़वानी के नाम सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

जनोदय पंच। सेंधवा में आदिवासी समाज और जयस प्रतिनिधियों ने भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में ‘जय जोहार’ अभिवादन पर कथित अमर्यादित टिप्पणी के मामले में निलंबित थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार के खिलाफ FIR दर्ज करने और बर्खास्तगी की मांग की। इस संबंध में अधिकारियों के माध्यम से शासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) के जिला अध्यक्ष एवं टिम जयस ब्लॉक अध्यक्ष राहुल सोलंकी के नेतृत्व में आदिवासी समाज और जयस प्रतिनिधियों ने सेंधवा में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) SDOP और तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, DGP एवं SP बड़वानी के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों के साथ कथित गाली-गलौज और समाज के पारंपरिक अभिवादन ‘जय जोहार’ पर अमर्यादित टिप्पणी किए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग की गई।
‘जय जोहार’ समाज की संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक
ज्ञापन सौंपते हुए राहुल सोलंकी ने कहा कि ‘जय जोहार’ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण आदिवासी समाज की संस्कृति, स्वाभिमान, परंपरा और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी द्वारा इस प्रकार की टिप्पणी करना संविधान और लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।
राहुल सोलंकी ने कहा कि शासन द्वारा तत्कालीन थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को निलंबित किया जा चुका है, लेकिन केवल निलंबन से समाज का आक्रोश शांत नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन्हें शासकीय सेवा से बर्खास्त किया जाए।
ज्ञापन में रखीं तीन प्रमुख मांगें
ज्ञापन में पहली मांग तत्कालीन थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार के खिलाफ SC/ST Act और BNS की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर गिरफ्तारी करने की है। दूसरी मांग संबंधित अधिकारी को केवल निलंबित रखने के बजाय शासकीय सेवा से बर्खास्त करने की है।
तीसरी मांग में शासन से यह सुनिश्चित करने की अपील की गई कि भविष्य में किसी भी प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी द्वारा आदिवासी समाज के सांस्कृतिक प्रतीकों और महापुरुषों का अपमान नहीं किया जाए।
कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
राहुल सोलंकी ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि संबंधित अधिकारी के खिलाफ शीघ्र FIR दर्ज नहीं की गई, तो बड़वानी जिले सहित पूरे मध्यप्रदेश में आदिवासी समाज उग्र, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर जयस जिला अध्यक्ष एवं सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी की टीम के प्रतिनिधियों के साथ मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद (युवा प्रभाग) के जिला अध्यक्ष एवं जयस ब्लॉक अध्यक्ष सेंधवा राहुल सोलंकी, जयस जिला कार्यकारी अध्यक्ष विवेक मेहता, तेरसिंह कनौजे, छात्र प्रभाग जिला अध्यक्ष भीम कनोजे, छात्र देवसिंह जमरे, पियूष डावर, दिलीप डावर, रवि डावर, केदार देवरे, पृथ्वीराज, मंशाराम खरते, मायकल सिंगोरिया, महेश जाधव, अजय नरगावे, चिक्कू सोलंकी, दिनेश वास्कले, दिलीप सोलंकी और दिलीप ब्राह्मने उपस्थित रहे। इनके अलावा आदिवासी समाज, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और सेंधवा के जागरूक नागरिक भी मौजूद रहे।




