सेंधवा में वैदिक गणित कार्यशाला में विद्यार्थियों ने सीखे गणना के आसान तरीके, बिना कलम हल किए जटिल सवाल
वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हुआ आयोजन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और गणितीय क्षमता बढ़ाने के लिए सिखाईं विभिन्न विधियां

रमन बोरखड़े। जनोदय पंच। विद्यार्थियों को वैदिक गणित की विधियों से परिचित कराने और प्रतियोगी परीक्षाओं में उनका उपयोग सिखाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने जोड़, घटाव और गुणा के विभिन्न सूत्रों का अभ्यास किया तथा बिना कलम के जटिल सवाल हल किए।
प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी हैं वैदिक गणित की विधियां
वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में एक दिवसीय वैदिक गणित कार्यशाला आयोजित की गई। प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. दीपक मरमट ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैदिक गणित के प्रति जागरूकता लाना और प्रतियोगी परीक्षाओं में इसकी विभिन्न विधियों का उपयोग करने में सक्षम बनाना है।
16 सूत्र और 13 उपसूत्रों पर आधारित है वैदिक गणित
कार्यशाला में प्रो. दीपक मरमट ने बताया कि भारत में वैदिक गणित को संकलित करने का श्रेय स्वामी कृष्ण तीर्थ को जाता है। उन्होंने वेद एवं वेदांत का अध्ययन कर बिखरी हुई गणितीय विधियों और सिद्धांतों को शास्त्र के रूप में संयोजित किया। वैदिक गणित की विभिन्न विधियां शतपथ ब्राह्मण साहित्य से ली गई हैं। इसकी 16 सूत्र और 13 उपसूत्रों की सहायता से बड़ी गणितीय समस्याओं को कम समय में हल किया जा सकता है। इससे याददाश्त, एकाग्रता और तार्किक क्षमता के विकास में भी मदद मिलती है।

बिना कलम के हल किए गणितीय सवाल
कार्यशाला में विद्यार्थियों को वैदिक गणित की संकलन (योग) और व्यवकलन की शून्यांत विधि, निखिलम विधि तथा गुणनफल के विभिन्न सूत्रों का अभ्यास कराया गया। विद्यार्थियों ने बिना कलम का उपयोग किए जटिल गणितीय प्रश्नों को हल किया। कार्यशाला का संचालन कला संकाय के विद्यार्थी आकाश चौहान ने किया।
विद्यार्थियों ने जताई खुशी, अतिथियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में डॉ. एमएल अवाया और प्रो. वीरेंद्र मुवेल उपस्थित रहे। अंत में रामेश्वर डुडवे ने आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में शामिल विद्यार्थियों आशीराम जाधव, रंगीता आर्य, पूजा ब्राह्मणे और राहुल सोनी ने खुशी जाहिर की। कई विद्यार्थियों ने सहभागिता कर वैदिक गणित की विधियों के अनुप्रयोग सीखे।



