सेंधवा के ग्राम मालवन में 15 नवंबर को टंट्या मामा की प्रतिमा होगी स्थापित, बिरसा मुंडा जयंती पर भव्य आयोजन की तैयारियां तेज
विधायक मोंटू सोलंकी की मौजूदगी में हुई तैयारी बैठक, मंच, टेंट और सभा स्थल की व्यवस्थाओं पर चर्चा कर सौंपी गई जिम्मेदारियां

जनोदय पंच। भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर ग्राम मालवन में 15 नवंबर को महामानव टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने के लिए बैठक आयोजित कर तैयारियों की समीक्षा की गई। इसमें व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारियां भी तय की गईं।
मंच, टेंट और सभा स्थल की तैयारियों पर चर्चा
आगामी 15 नवंबर को होने वाले आयोजन को लेकर ग्राम मालवन में तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम को भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए विस्तृत चर्चा हुई। मंच, टेंट, सभा स्थल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां भी तय की गईं। बैठक में सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी सहित ग्राम के पटेल, ग्राम डाहला, वारती, कोतवाल तथा आसपास के गांवों के प्रतिनिधि और आदिवासी समाज के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
महापुरुषों के संघर्ष से समाज में आया स्वाभिमान : मोंटू सोलंकी
सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी ने कहा कि कार्यक्रम को लेकर पूर्व में पहली तैयारी बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सभी समाजजनों और ग्रामवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया था। अब पुनः बैठक कर मंच, टेंट, सभा स्थल सहित अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई है।

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा और महामानव टंट्या मामा जैसे महान महापुरुषों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की वजह से आज आदिवासी समाज गर्व और स्वाभिमान के साथ सीना तानकर चलता है। इन महापुरुषों ने जल, जंगल, जमीन और समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। 15 नवंबर को ग्राम मालवन में टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम पूरे उत्साह और धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने समस्त समाजजनों और ग्रामवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की।
आदिवासी समाज के गौरव और प्रेरणास्रोत हैं महापुरुष : सरपंच सुरपाल
ग्राम सरपंच सुरपाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा और महामानव टंट्या मामा आदिवासी समाज के गौरव और प्रेरणास्रोत हैं। इन महापुरुषों के सम्मान में आयोजित इस गौरवपूर्ण कार्यक्रम में सभी ग्रामवासियों और क्षेत्र के समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन की शोभा बढ़ाने और इसे सफल बनाने का आग्रह किया।

जल, जंगल, जमीन और अधिकारों की रक्षा का दिया संदेश
भगवान बिरसा मुंडा महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी और जननायक थे। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत, शोषण और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करते हुए आदिवासी समाज में स्वाभिमान, एकता और अधिकारों की चेतना जगाई। उनका संघर्ष और बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
वहीं महामानव टंट्या मामा आदिवासी समाज के महान जननायक और गरीबों के मसीहा के रूप में पहचाने जाते हैं। उन्होंने अंग्रेजी शासन और शोषण के विरुद्ध संघर्ष किया तथा गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों की मदद की। उनका साहस, त्याग और संघर्ष आज भी आदिवासी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
दोनों महापुरुषों का जीवन जल, जंगल, जमीन, अधिकार, स्वाभिमान और सामाजिक एकता की रक्षा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। आयोजन समिति की ओर से समस्त ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों से 15 नवंबर को ग्राम मालवन पहुंचकर भगवान बिरसा मुंडा जयंती एवं महामानव टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना के आयोजन में सहभागी बनने की अपील की गई है।



