इंदौर में राहुल गांधी से संवाद के बाद प्रियंका सेंगर को इलाज की उम्मीद, दिल्ली बुलाने के लिए टीम ने किया संपर्क
तीन साल की उम्र में आंख में गया था चूना, आर्थिक स्थिति के कारण वर्षों से रुका था आगे का इलाज

जनोदय पंच। बड़वानी जिले की छात्रा की आंख के इलाज के लिए परिवार से संपर्क किया गया है। इंदौर में छात्र संवाद कार्यक्रम के बाद दिल्ली बुलाने की बात कही गई। आर्थिक स्थिति के कारण वर्षों से रुका इलाज अब आगे बढ़ने की उम्मीद है।मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की प्रियंका सेंगर की आंख के इलाज के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की टीम ने संपर्क किया है। इंदौर में 19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रियंका से मंच पर बातचीत की थी। इसी दौरान उनकी नजर प्रियंका की आंख पर गई।
प्रियंका ने बताया कि 3 साल की उम्र में उसकी आंख में चूना चला गया था, जिससे आंख खराब हो गई। तब से एक आंख से बिल्कुल दिखाई नहीं देता है। 12वीं कक्षा के दौरान बड़ौदा में उसकी आंख का एक ऑपरेशन हुआ था। डॉक्टरों ने इसके बाद एक और ऑपरेशन की जरूरत बताई थी।
आर्थिक स्थिति के कारण आगे नहीं हो सका इलाज
प्रियंका के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण ऑपरेशन के बाद आगे का इलाज नहीं हो सका। प्रियंका के पिता उदय सिंह सेंगर किसान हैं। परिवार के पास करीब तीन एकड़ जमीन है, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण खेती से नियमित आमदनी नहीं हो पाती।
ऐसे में बेटी के इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती रहा। एक बार बड़ौदा में ऑपरेशन कराने के बाद आर्थिक कारणों से आगे का इलाज रुक गया था।
दिल्ली बुलाने के लिए किया गया संपर्क
राहुल गांधी ने मंच से प्रियंका के इलाज का भरोसा दिया था। अब उनकी टीम ने प्रियंका के परिवार से संपर्क किया है। टीम की ओर से उसे जल्द इलाज के लिए दिल्ली बुलाने की बात कही गई है।
प्रियंका ने बताया कि इंदौर के कार्यक्रम के बाद दिल्ली से राहुल गांधी की टीम की एक महिला का फोन आया था। उन्होंने इलाज के लिए दिल्ली आने की बात कही। इसके बाद जिले के समाजसेवी सरदार नरगावे और विधायक विक्रांत भूरिया की ओर से भी फोन आया।
इसी बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रियंका को मिलने के लिए बुलाया। पटवारी ने उसके पिता से फोन पर आंखों के इलाज और परिवार की परिस्थितियों को लेकर चर्चा की।
वर्षों बाद उम्मीद पूरी होने की आस
प्रियंका ने कहा कि इतने सालों बाद उसकी उम्मीद पूरी होने जा रही है। उसने कहा कि सालों से सपना था कि वह भी सामान्य लोगों की तरह देख सके। अब उस सपने के पूरा होने की उम्मीद है।
प्रियंका फिलहाल इंदौर में रहकर यूजीसी-नेट की तैयारी कर रही है। आंखों की समस्या के बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी है और आगे की पढ़ाई को लेकर भी उसके सपने हैं। अब प्रियंका और उसके परिवार को दिल्ली में होने वाले इलाज का इंतजार है।
‘छात्रों की गूंज’ में हॉस्टल की समस्याएं भी उठाईं
प्रियंका सेंगर ने 19 सितंबर को इंदौर में रीजनल पार्क के सामने आईडीए के मैदान में राहुल गांधी से संवाद किया था। उसने आदिवासी क्षेत्रों और बड़े शहरों में संचालित सरकारी हॉस्टलों में सीटों की कमी, भोजन और अन्य सुविधाओं की समस्याएं बताईं और हॉस्टलों की संख्या व सीटें बढ़ाने की मांग रखी।
प्रियंका ने बताया था कि उसने कक्षा 1 से 12वीं तक सरकारी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की है। उसके अनुसार, कई बार हॉस्टल में भोजन की व्यवस्था ठीक नहीं रहती थी और ऐसे समय में घर से लाई लाल मिर्च की चटनी के साथ रोटी खाकर गुजारा करना पड़ता था।
प्रियंका ने यह भी आरोप लगाया था कि हॉस्टल में छात्राओं से वार्डन द्वारा काम करवाया जाता था। उसने बताया था कि 12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए सरकारी हॉस्टल नहीं मिलने पर छात्राओं को किराए के कमरों में रहना पड़ता है। उसके मुताबिक, किराया पहले खुद देना होता है और सरकार की ओर से मिलने वाला आवास भत्ता साल के अंत में तय राशि के रूप में मिलता है, जबकि वास्तविक किराया इससे अधिक होता है।



