इंदौर में अवैध कॉलोनी के नाम पर रजिस्ट्री रोकने पर रोक, कोर्ट आदेश बिना प्रतिबंध नहीं लगेगा
सक्षम न्यायालय या अधिकृत प्राधिकारी के स्पष्ट आदेश के बिना रजिस्ट्री पर रोक लगाने को अवैध बताया गया

जनोदय पंच। इंदौर में जमीन रजिस्ट्री को लेकर शासन ने बड़ा आदेश जारी किया है। अब अवैध कॉलोनी या अन्य कारण बताकर रजिस्ट्री पर रोक नहीं लगाई जा सकेगी। सक्षम न्यायालय या अधिकृत प्राधिकारी के स्पष्ट न्यायिक अथवा अर्द्धन्यायिक आदेश के बिना पंजीयन पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
प्रशासनिक निर्देशों पर नहीं रुकेगी रजिस्ट्री
आदेश में कहा गया है कि केवल प्रशासनिक पत्राचार या सामान्य निर्देशों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री रोकना उचित नहीं है। प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर विभाग अमित राठौर ने स्पष्ट किया कि कई मामलों में अधिकारियों ने सीधे रजिस्ट्री रोक दी थी या पंजीयन अधिकारियों पर दबाव बनाते हुए एनओसी और विशेष अनुमति जैसी शर्तें लगाई थीं, जबकि ऐसा करना वैधानिक रूप से उचित नहीं है।
रजिस्ट्रार की भूमिका सीमित
आदेश में कहा गया कि रजिस्ट्रार कार्यालय से कॉलोनी की वैधता जांचने की अपेक्षा की जा रही थी, जबकि यह उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है। पंजीयन अधिकारी का कार्य केवल दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति की पहचान, हस्ताक्षर की पुष्टि और आवश्यक दस्तावेजों की जांच तक सीमित है। वरिष्ठ वकील प्रमोद द्विवेदी ने बताया कि इस मामले में दस्तावेजों सहित वाणिज्यिक कर विभाग को शिकायत की गई थी, क्योंकि पंजीयन अधिनियम में इस प्रकार रजिस्ट्री रोकने का प्रावधान नहीं है।
अवैध कॉलोनियों पर अलग कार्रवाई
शासन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि रजिस्ट्री केवल लेन-देन का सार्वजनिक रिकॉर्ड होती है, मालिकाना हक का अंतिम प्रमाण नहीं। अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई अलग कानूनों के तहत की जा सकती है, लेकिन उसके नाम पर रजिस्ट्री रोकना उचित नहीं है। शासन ने ऐसे सभी प्रभावशील प्रतिबंध तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।



