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सेंधवा में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा शुरू, भजनों पर महिलाओं ने किया गरबा

रामकटोरा स्थित तिरुपति कॉलोनी में 9 जून तक चलेगी श्रीमद्भागवत कथा, पहले दिन निकली भव्य शोभायात्रा

जनोदय पंच। सेंधवा के रामकटोरा स्थित तिरुपति कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। महिलाओं और युवतियों ने कलश शिरोधार्य कर शोभायात्रा में भाग लिया तथा भजनों पर गरबा किया। कथा के प्रथम दिवस भगवान की महिमा और भक्ति का महत्व बताया गया।

भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ कथा सप्ताह का शुभारंभ

सेंधवा शहर के रामकटोरा स्थित तिरुपति कॉलोनी में बुधवार से श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का शुभारंभ हुआ। पहले दिन शाम करीब 6 बजे मोतीबाग स्थित जलाराम मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं एवं युवतियां सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। शोभायात्रा में दो युवतियां घोड़े पर सवार रहीं। मुख्य यजमान कपिलाबेन-भाईलाल पटेल परिवार के सदस्य भागवत ग्रंथ को शिरोधार्य कर चल रहे थे। वहीं सुसज्जित रथ पर स्वामीनारायण मंदिर, वड़ताल के स्वामी रूपानंद एवं स्वामी प्रेमनंदन विराजित थे।

भजनों पर झूमे श्रद्धालु, पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत

शोभायात्रा के दौरान बैंड पर बज रही कृष्ण धुनों एवं भजनों पर महिलाओं ने उत्साहपूर्वक गरबा किया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। कलश यात्रा श्याम बाजार, एबी रोड और पुरानी सब्जी मंडी होते हुए नालेपार स्थित कथा स्थल पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। इसके बाद श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।

कथा में बताया भक्ति और सत्कर्मों का महत्व

कथा के प्रथम दिवस स्वामी प्रेमनंदन ने भगवान की महिमा एवं भक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि जिस प्रकार मां गंगा तन को पवित्र करती है, उसी प्रकार भागवत ज्ञान गंगा मन को पवित्र करती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अच्छे कर्म करना चाहिए। मृत्यु के भय को मिटाने के लिए श्रीमद्भागवत कथा का उदय हुआ है। कलियुग में पाखंड से बचकर माता-पिता की सेवा करना आवश्यक है। कथावाचन के दौरान शौनक आदि ऋषियों द्वारा सूतजी से पूछे गए प्रश्नों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि कलियुग में मनुष्य के उद्धार का सबसे सरल और कल्याणकारी मार्ग भागवत का श्रवण है। संतों ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की स्थापना तथा ज्ञान-वैराग्य को जागृत करने में श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर भाईलाल पटेल, अंबालाल शाह, राजेंद्र बुद्धदेव, चेतन वसाणी, प्रवीण सोनी, विजय जैन, अशोक जैन, जितेंद्र शाह, मनोज जायसवाल, महेश जोशी, डॉ. किंशुक लालका, सत्तू शर्मा, बापू सोनी, अमर शर्मा, राजेश पालीवाल, महेंद्र परिहार, हरिशंकर जायसवाल, अशोक राठौड़, मुकेश शर्मा, पीयूष शाह, राजेंद्र यादव, सुनील गुप्ता, सोना शर्मा, आनंद यादव, पंकज शर्मा, पवन शाह, उमेश शाह एवं दिलीप पटेल सहित शहर तथा धामनोद, सिंघाना और मानवर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार कथा का आयोजन 9 जून तक प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक किया जाएगा।

 

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