बीपी, मोटापे, हार्ट अटैक से बचायेगा रबर बैंड- योग गुरू सोनी

पानसेमल; हमारे देश कुछ लोगों की सोच देखिए,इसे विडम्बना भी कह सकते हैं कि यहां के कुछ लोग मूर्ख बनने एवं बनाने पर प्रसन्न हो जाते हैं। और ईमानदारी से कहनें पर नाराज़ हो जाते हैं। उक्त बातें योग गुरु कृष्ण कांत सोनी ने कचरा बीनने वाले बच्चों से निशुल्क योग के गुर सिखाते हुए कही।
योग गुरु ने आगे बताया कि कचरा बीनना भी अज्ञानता और मजबूरी है क्योंकि पेट पालने के लिए सब कुछ करना होता है, पेट उम्र नहीं भूख देखता है। कुछ बच्चों के ऊपर से माता-पिता का छाया उठ चुका होता है, कुछ बच्चे माता पिता की आज्ञा का पालन करते हुए यह कार्य करते हैं, कुछ बच्चे घर खर्च चलाने के लिए यह कार्य करते हैं, कुछ बच्चे अज्ञानता वंश यह कार्य करते हैं। सामान्य व्यक्ति तो यह कार्य कर ही नहीं सकता है। वह गंदगी की बदबु से बैचेनी, घबराहट महसूस करने लगेगा और वह उल्टी भी कर अस्वस्थ हो सकता है। लेकिन बच्चों की मजबूरी या इसे बहादूरी कहे। इतने दूषित वातावरण में रहकर भी वे आजीविका कमाते हैं।कचरा बीनते बीनते आंखों में जलन,हाथ पैरों में शरीर में चर्म रोग जैसी समस्या हो जाती है, ऐसे वातावरण में उनका शारीरिक मानसिक विकास बाधित हो जाता हैं। शारीरिक दर्द भी हो सकता है। योगगुरु ने बच्चों को आई वास का प्रत्यक्ष अभ्यास करवाया।ताकि आंखों में जलन, खुजली, पानीं आना, भारीपन,लालपन से बचाव हो सके, और आंखों की रोशनी बनी रहे। योग गुरु ने आगे बताया कि बच्चे हों या कोई भी उम्र का व्यक्ति दिन में कुर्सी पर बैठकर दिन में सुबह, दोपहर, शाम, रात्रि में बिस्तर में सोने के पहले दोनों पैरों के अंगुठे में रबर बेंड लगाकर पैरों को ऊपर नीचे करें तो बी पी, मोटापा, हार्ट अटैक से बच सकता हैं। पैर हिलाने से रक्त संचार तेज गति से चलने लगता है और विचार सकारात्मक होने लगते हैं। योग गुरु ने बच्चों को चर्म रोग, खुजली से छुटकारे के लिए नीम की तीन पतियां प्रतिदिन सुबह ख़ाली पेट बारी बारी से चबाकर खाने के बाद शुद्ध जल पीये तो बुखार, चर्म रोग, खुजली जैसी समस्या से छुटकारा मिलेगा। इस अवसर पर बच्चों के साथ विक्रेता भी उपस्थित थे। फोटो बच्चे आईं वास क्रिया को दोहराते हुए।



