सेंधवा के पार्श्व गायक अभय जोधपुरकर को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक का सम्मान
एकता नगर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रजत कमल से किया सम्मानित, मराठी गीत ‘नवसाची गौरी माझी’ के लिए मिला पुरस्कार

सेंधवा: बड़वानी जिले के सेंधवा निवासी पार्श्व गायक अभय जोधपुरकर ने राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। उन्हें 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें रजत कमल से सम्मानित किया।
‘नवसाची गौरी माझी’ के लिए मिला सम्मान
अभय जोधपुरकर को फिल्म ‘घरात गणपति’ के मराठी गीत ‘नवसाची गौरी माझी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह पहली बार दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित किया गया। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर के फिल्म कलाकारों और तकनीशियनों को पुरस्कार प्रदान किए।
माता-पिता भी समारोह में रहे मौजूद
अभय के पिता मनोज जोधपुरकर और माता अमिता जोधपुरकर भी पुरस्कार समारोह में मौजूद रहे। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की विजेता सूची में अभय जोधपुरकर को सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक घोषित किया गया। उनके राष्ट्रीय पुरस्कार से सेंधवा में खुशी का माहौल है।
ए.आर. रहमान के संगीत विद्यालय से की पढ़ाई
अभय जोधपुरकर ने संगीतकार ए.आर. रहमान के संगीत विद्यालय केएम म्यूजिक कंजरवेटरी से संगीत की पढ़ाई की है। उन्होंने वर्ष 2012 में कन्नड़ फिल्म ‘गॉड फादर’ से पार्श्व गायन की शुरुआत की थी। इसके बाद मणिरत्नम की तमिल फिल्म ‘कदल’ के गीत ‘मूंगिल थोट्टम’ से उन्हें पहचान मिली। इस गीत के लिए भी उन्हें पुरस्कार मिला था।

‘मेरे नाम तू’ से हिंदी सिनेमा में मिली पहचान
हिंदी सिनेमा में अभय जोधपुरकर को शाहरुख खान की फिल्म ‘जीरो’ के गीत ‘मेरे नाम तू’ से लोकप्रियता मिली। इस गीत के लिए उन्हें वर्ष 2019 में मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड्स में ‘अपकमिंग मेल वोकलिस्ट ऑफ द ईयर’ का सम्मान मिला था। उन्होंने हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और मराठी भाषाओं में भी गाने गाए हैं।
कई पुरस्कारों में शामिल रहा अभय का नाम
अभय जोधपुरकर को वर्ष 2013 में ‘कदल’ के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का सम्मान मिला था। वर्ष 2017 में ‘वनमगन’ के गीत के लिए भी उन्हें अवॉर्ड मिला। वर्ष 2019 में ‘मेरे नाम तू’ के लिए मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड मिला। वर्ष 2022 में उन्हें मराठी संगीत के लिए भी मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। अब ‘नवसाची गौरी माझी’ के लिए मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार उनकी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।



