नीट परीक्षा के बीच दिखा पुलिस का मानवीय चेहरा, छात्रों के लिए खाकी बनी सहारा, पहचान पत्र भूलकर रो रही छात्रा को पुलिस ने तत्काल सहायता देकर दिलाई परीक्षा में एंट्री
रास्ता भटके परीक्षार्थियों को शासकीय वाहन से समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाकर दिखाई मानवीय पुलिसिंग।

रमन बोरखड़े। बड़वानी। नीट परीक्षा 2026 के दौरान बड़वानी पुलिस का संवेदनशील और मानवीय चेहरा सामने आया। एक ओर पहचान पत्र भूल जाने से परेशान छात्रा को तत्काल आधार कार्ड उपलब्ध कराकर परीक्षा में शामिल कराया गया, वहीं दूसरी ओर परीक्षा केंद्र तलाश रहे विद्यार्थियों को पुलिस ने शासकीय वाहन से सुरक्षित पहुंचाया। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशों का असर पूरे जिले में देखने को मिला।
भविष्य की चिंता में डूबी छात्रा के लिए बनी उम्मीद की किरण
देशभर में आयोजित नीट परीक्षा के दौरान बड़वानी के शहीद भीमा नायक महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा उस समय भावुक होकर रोने लगी, जब उसे याद आया कि वह अपना मूल पहचान पत्र घर पर ही भूल आई है। परिजन उसे परीक्षा केंद्र पर छोड़कर जा चुके थे और बिना वैध पहचान पत्र के प्रवेश संभव नहीं था। इसी दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे एसडीओपी महेश सुनैय्या और कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन की नजर छात्रा पर पड़ी। अधिकारियों ने तत्काल स्थिति को समझते हुए उसके परिजनों से संपर्क किया तथा निकटस्थ आधार केंद्र के माध्यम से नया आधार कार्ड डाउनलोड कराकर समय रहते छात्रा को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलवाया। राहत मिलने पर छात्रा ने भावुक होकर पुलिस अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
रास्ता भटके विद्यार्थियों को समय पर पहुंचाया परीक्षा केंद्र
इसी दिन उत्कृष्ट विद्यालय परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी कर रहे जुलवानिया थाना प्रभारी सौरभ बाथम को अलीराजपुर जिले से आए दो परीक्षार्थी परेशान अवस्था में मिले। दोनों विद्यार्थी अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र केंद्रीय विद्यालय का पता नहीं खोज पा रहे थे और परीक्षा शुरू होने का समय नजदीक था। विद्यार्थियों की चिंता को देखते हुए थाना प्रभारी ने तत्काल शासकीय वाहन की व्यवस्था की और उन्हें सुरक्षित तथा समय पर उनके परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। पुलिस की इस त्वरित मदद से विद्यार्थियों के चेहरे पर राहत और आत्मविश्वास लौट आया।

एसपी की सीख को पुलिस बल ने जमीन पर उतारा
उल्लेखनीय है कि परीक्षा से एक दिन पूर्व पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने परीक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष ब्रीफिंग ली थी। उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए थे। नीट परीक्षा के दौरान सामने आए ये दोनों घटनाक्रम इस बात के प्रमाण बने कि बड़वानी पुलिस ने केवल सुरक्षा की जिम्मेदारी ही नहीं निभाई, बल्कि जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए भरोसे और सहयोग का हाथ भी बढ़ाया। पुलिस की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण ने परीक्षा के महत्वपूर्ण दिन कई विद्यार्थियों की चिंता को राहत में बदल दिया।
संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल बनी बड़वानी पुलिस
नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान बड़वानी पुलिस द्वारा दिखाई गई मानवीय संवेदनशीलता ने यह संदेश दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था की प्रहरी नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर समाज की सहायक और संरक्षक भी है। विद्यार्थियों की मदद के लिए उठाए गए छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदमों ने पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का कार्य किया।



