पाटी में एकलव्य छात्रा की मौत पर आदिवासी संगठनों का थाने का घेराव, एफआईआर और निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित परिवार ने थाना प्रभारी पर अभद्रता और हॉस्टल वार्डन पर गुमराह करने का आरोप लगाया, सामाजिक संगठनों ने तीन प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं।

जनोदय पंच। बड़वानी जिले के पाटी स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की 11वीं कक्षा की छात्रा की संदिग्ध मौत के विरोध में पीड़ित परिवार और आदिवासी सामाजिक संगठनों ने पाटी थाने का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों पर एफआईआर, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
छात्रा की मौत के विरोध में थाने का घेराव
बड़वानी जिले के पाटी ब्लॉक स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की 11वीं कक्षा की आदिवासी छात्रा की 25 जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना के विरोध में सोमवार को पीड़ित परिवार और आदिवासी सामाजिक संगठनों ने पाटी थाने का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की तथा थाने के सामने डेरा डालकर कलेक्टर और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग रखी।

पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने जयस टीम को बताया कि पाटी थाना प्रभारी ने उनके साथ अभद्रता की और अनुचित भाषा का प्रयोग किया। परिवार का आरोप है कि हॉस्टल वार्डन ने घटना की सही जानकारी नहीं दी और उन्हें गुमराह किया। इसके अलावा मर्ग जांच के नाम पर कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए तथा जल्दबाजी में शव सौंप दिया गया।

जयस ने प्रशासन के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
जयस संगठन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजू पटेल ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो संगठन चक्काजाम करेगा। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने, जांच पूरी होने तक हॉस्टल वार्डन और पाटी थाना प्रभारी को तत्काल हटाने तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। धरने में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र शामिल हुए।

अधिकारियों ने दिया जांच का आश्वासन, धरना जारी
धरने की सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बावजूद सामाजिक संगठन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।



