नशामुक्त भारत सप्ताह का अनोखा आगाज, जूतों से पोस्टरों पर प्रहार कर दिया जागरूकता संदेश
धवली में रैली, जनसंवाद और प्रतीकात्मक कार्यक्रमों के साथ नशे के खिलाफ अभियान की शुरुआत

जनोदय पंच। जिला प्रशासन बड़वानी एवं सामाजिक न्याय विभाग के मार्गदर्शन में धवली स्थित सातपुड़ा आदिवासी नशामुक्ति केंद्र द्वारा नशामुक्त भारत सप्ताह का शुभारंभ अनोखे अंदाज में किया गया। नशे के प्रतीकात्मक पोस्टरों पर जूते मारकर समाज की अस्वीकृति का संदेश दिया गया तथा रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
नशामुक्त भारत सप्ताह का शुभारंभ
धवली में 17 जून से 26 जून 2026 तक आयोजित “नशामुक्त भारत सप्ताह” का शुभारंभ सातपुड़ा आदिवासी नशामुक्ति केंद्र द्वारा किया गया। कार्यक्रम जिला प्रशासन बड़वानी एवं सामाजिक न्याय विभाग के मार्गदर्शन में कलेक्टर जयति सिंह के निर्देश तथा उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग रोनक सोलंकी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर अतिथियों ने नशे की वस्तुओं के प्रतीकात्मक पोस्टरों को जूते मारकर नशे के प्रति समाज की अस्वीकृति और विरोध का संदेश देते हुए अभियान का शुभारंभ किया।
जनजागृति रैली से दिया जागरूकता का संदेश
उद्घाटन कार्यक्रम से पूर्व ग्राम धवली में नशामुक्ति जनजागृति रैली निकाली गई। रैली में युवाओं, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में नेहा चौहान, सहायक संचालक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र बड़वानी ने नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए समाज को नशामुक्त बनाने का आह्वान किया। सरपंच दिलीप तरोले एवं सोहम राठोड भी उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों ने बताए नशे के दुष्परिणाम
नशामुक्त भारत अभियान के जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ. कृष्णा भावले ने नशे के वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि नशा एक बीमारी है, जिसका उचित उपचार और परामर्श के माध्यम से सफल इलाज संभव है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील की। सातपुड़ा आदिवासी नशामुक्ति केंद्र के खुमसिंग चौहान एवं डॉ. कृष्णा भावले ने बताया कि नशामुक्त भारत सप्ताह के दौरान जिले के विभिन्न गांवों, स्कूलों और महाविद्यालयों में जनजागरण कार्यक्रम, मार्गदर्शन सत्र, रैलियां, प्रतियोगिताएं एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित
कार्यक्रम में सरपंच दिलीप तरोले, सोहम राठोड, हिरालाल जाधव, सहायक सचिव बबलू चौहान, रायमल बर्डे, रतन चौहान, बीलोर भाई, भाईदास ब्राम्हणे, सचिव राकेश सिंगोरिया, डॉ. सखाराम पटेल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रमेश चौहान ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. ग्यारसिलाल भुगावडे ने व्यक्त किया।



