जिले में सुचारू पेयजल आपूर्ति और पारदर्शी खाद वितरण के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित

बड़वानी; कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार कलेक्ट्रेट सभागृह में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सहकारिता, कृषि, मार्कफेड, राजस्व और नगरीय निकायों के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने खाद वितरण, पेयजल आपूर्ति, जल गंगा संवर्धन अभियान और जनसुनवाई के लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले में खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कृषि और मार्कफेड विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लक्ष्य के अनुसार खाद का सुचारू वितरण सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी प्राइवेट डीलर के पास खाद उपलब्ध नहीं है, तो वहां पहुंचने वाले किसानों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसे किसानों का तुरंत ई-टोकन जनरेट किया जाए। ई-टोकन जनरेट कर किसानों को मार्कफेड के संबंधित डबल लॉक केंद्रों पर डायवर्ट किया जाएगा, ताकि उन्हें समय पर खाद मिल सके।
ग्रीष्मकाल में सुचारू पेयजल आपूर्ति को लेकर कलेक्टर ने जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ और जनपद सीईओ से सीधे चर्चा कर कहा कि पेयजल आपूर्ति एक सतत प्रक्रिया है इसमें व्यवधान बर्दाश्त नहीं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में आवश्यकता हो, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर निजी बोरवेल अधिग्रहित किए जाएं और टैंकरों के माध्यम से जल प्रदाय सुनिश्चित किया जाए। शहरी वार्डों में पानी की कमी दूर करने के लिए पंचायतों से टैंकर लेकर व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पानी की टंकियां भरते समय बिजली कटौती न हो, इसके लिए विद्युत विभाग से निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिले में एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के दौरान विगत दिनों राजपुर क्षेत्र में हुई पेयजल समस्याओं को लेकर सीएमओ राजपुर द्वारा संतोषजनक उत्तर न दिए जाने पर कलेक्टर द्वारा नाराजगी व्यक्त कर बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान के तहत कार्यों को गति देने के लिए रिवाइज्ड टारगेट के आधार पर काम किया जाए। साथ ही, कार्यस्थलों पर लेबर क्षमता को बढ़ाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त हुए लंबित आवेदनों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि आमजन की समस्याओं का निराकरण करना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।



