भागवत कथा में श्रीकृष्ण लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन, आज नेत्रदान-देहदान संकल्प अभियान भी होगा
9 जून को रक्तदान शिविर और 10 जून को विश्व नेत्रदान दिवस पर संकल्प पत्र भरवाने की तैयारी

जनोदय पंच। सेंधवा की तिरुपति कॉलोनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन स्वामी प्रेमानंदनदास जी ने श्रीकृष्ण जन्म से कंस वध तक की लीलाओं का वर्णन किया। कथा में 56 भोग प्रसादी वितरित की गई। अंतिम दिनों में रक्तदान, नेत्रदान, देहदान और अंगदान संकल्प अभियान भी आयोजित होगा।
श्रीकृष्ण जन्म से कंस वध तक की लीलाओं का वर्णन
सेंधवा। तिरुपति कॉलोनी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन स्वामी प्रेमानंदनदास जी ने श्रीमद् भागवत पुराण के दशम स्कंध का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने श्रीकृष्ण के मथुरा की कारागार में देवकी-वासुदेव के यहां जन्म, वासुदेव द्वारा उन्हें गोकुल में नंद बाबा और यशोदा मैया के पास पहुंचाने, पूतना वध, माखन चोरी, मृत्तिका भक्षण, कालिया नाग दमन तथा गोवर्धन पर्वत धारण की लीलाओं का आध्यात्मिक महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सात दिनों तक हुई वर्षा के बाद भी जब इंद्र ब्रजवासियों का कुछ नहीं बिगाड़ सके तो उनका अहंकार समाप्त हुआ और उन्होंने श्रीकृष्ण की शरण लेकर क्षमा याचना की। कथा के दौरान शरद पूर्णिमा की रासलीला का भी वर्णन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

स्वामी प्रेमानंदनदास जी का स्वागत, 56 भोग प्रसादी वितरित
कथा के दौरान सुभाष चौमूवाला, विष्णु अग्रवाल, सुभाष सोनी और राधेश्याम शर्मा ने स्वामी प्रेमानंदनदास जी का हार एवं शाल पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर अन्नकूट के तहत 56 भोग की प्रसादी वितरित की गई। कार्यक्रम में पटेल परिवार के भाईलाल पटेल, विनुभाई पटेल, प्रवीण पटेल, मनीष पटेल, हरेश पटेल, चिराग पटेल, शैलेश पटेल, प्रतीक पटेल, जतिन पटेल, मनोज पटेल, धैर्य पटेल, ध्रुव पटेल, परम पटेल, कमला बेन पटेल, कपिला बेन पटेल, पुष्पा बेन पटेल, धनु बेन पटेल, प्रांजल पटेल, संगीता पटेल, श्वेता पटेल, निशा पटेल, अनिता पटेल, मनीषा पटेल, रीता पटेल, मित्तल पटेल, पीनल पटेल, दृष्टि पटेल, तन्हा पटेल, कामिनी पटेल, अल्पा पटेल, अंजना पटेल और भक्ति पटेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कथा के दौरान पहली बार होंगे नेत्रदान, देहदान और अंगदान संकल्प
मानव सेवा समिति के निलेश जैन ने बताया कि भागवत कथा के अंतिम दिन 9 जून को शाम 6 बजे से कथा स्थल पर मानव सेवा समिति और सुभाषचंद बोस रक्तदान समिति के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। वहीं 10 जून को विश्व नेत्रदान दिवस के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं से मरणोपरांत देहदान, अंगदान और नेत्रदान के संकल्प पत्र भरवाए जाएंगे। कथा के दौरान इस प्रकार का आयोजन पहली बार किया जा रहा है।



