बड़वानी में प्राचार्य से धक्का-मुक्की और रास्ता रोकने के आरोप, NSUI जिलाध्यक्ष समेत पांच छात्रों पर केस दर्ज
खेल मैदान के नवीनीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर कॉलेज में चल रहे धरने के दौरान सामने आया मामला, पुलिस कर रही जांच

जनोदय पंच। बड़वानी के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में प्राचार्य का रास्ता रोकने, अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने के आरोप में पांच छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार घटना आंदोलन के दौरान सामने आई। शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
शिकायत के आधार पर पांच छात्रों पर केस
बड़वानी के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य का रास्ता रोकने, अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने NSUI जिलाध्यक्ष बादल गिरासे समेत पांच छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार 18 सितंबर को कॉलेज के भृत्य हामा (45), निवासी रूपनगर, थाने पहुंचे थे। उन्होंने प्राचार्य का शिकायती पत्र पुलिस को सौंपा। शिकायत के आधार पर NSUI जिलाध्यक्ष बादल गिरासे, अंकित निगवाल, सुशील जमरा, दिलीप बरडे और भरत खरते समेत अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 352, 351(2) और 191(2) के तहत केस दर्ज किया गया।
खेल मैदान के नवीनीकरण को लेकर धरना
प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने शिकायत में बताया कि वे 16 जुलाई 2026 से कॉलेज में प्राचार्य हैं। खेल मैदान के नवीनीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर 16 सितंबर को सुबह 11:30 बजे कुछ छात्र-छात्राओं और बाहरी छात्रों ने कॉलेज परिसर में बिना अनुमति धरना शुरू किया था।
प्राचार्य के अनुसार उन्होंने 17 सितंबर को ही थाने को पत्र के जरिए धरने की जानकारी दे दी थी।
रात में प्राचार्य कक्ष में पहुंचे छात्र
शिकायत के मुताबिक 17 सितंबर की रात करीब 7:30 बजे आंदोलनकारी छात्र प्राचार्य कक्ष में पहुंच गए। उस समय प्राचार्य के साथ कॉलेज स्टाफ भी मौजूद था। छात्रों को उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। प्राचार्य ने आरोप लगाया कि रात करीब 9:40 बजे छात्रों ने उनकी कार के सामने लेटकर रास्ता रोक दिया। शिकायत में अभद्र व्यवहार, अपमानित करने और डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

महिला पुलिस बल ने प्राचार्य और स्टाफ को निकाला
मौके पर मौजूद महिला और पुरुष पुलिस बल ने प्राचार्य और स्टाफ को सुरक्षित कॉलेज परिसर से बाहर निकालकर घर पहुंचाया। इसके बाद मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है। अब पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।




