सेंधवा में आदिवासी युवाओं पर कार्रवाई को लेकर विधायक और पुलिस आमने-सामने
विधायक मोंटू सोलंकी समर्थकों के साथ पहुंचे एसडीओपी कार्यालय, पुलिस कार्रवाई को लेकर अधिकारियों से किए सवाल-जवाब

सेंधवा। आदिवासी युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को विधायक मोंटू सोलंकी पुलिस अधिकारियों के सामने पहुंचे। विधायक समर्थकों के साथ एसडीओपी कार्यालय पहुंचे, जहां एसडीओपी अजय वाघमारे और थाना प्रभारी ओपी सिंह चौंगडे से कार्रवाई को लेकर सवाल-जवाब हुए। मामला जामली के एकलव्य स्कूल के विद्यार्थियों से जुड़ा बताया गया है।
बच्चों की समस्याएं बताने जा रहे थे विद्यार्थी
बताया गया कि जामली के एकलव्य स्कूल के विद्यार्थी अपनी समस्याएं बताने पैदल कलेक्टर के पास जा रहे थे। उन्हें समझाने पहुंचे आदिवासी युवाओं को पुलिस की ओर से दो-दो लाख रुपए के बांड भरने के नोटिस जारी किए गए। इसी कार्रवाई के विरोध में विधायक गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे समर्थकों के साथ एसडीओपी कार्यालय पहुंचे।

विधायक ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
विधायक मोंटू सोलंकी ने कहा कि कार्यकर्ता बच्चों को भड़काने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें समझाने के लिए गए थे। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों के साथ खड़ा होना अपराध है तो पुलिस उन पर और उनकी पत्नी पर भी केस दर्ज करे। विधायक ने प्रशासन पर निर्दोष आदिवासी युवाओं को झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाया।
एसडीओपी ने जांच रिपोर्ट और सीसीटीवी का दिया हवाला
बहस के दौरान एसडीओपी अजय वाघमारे ने बताया कि कार्रवाई एडीएम की जांच समिति की रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई है। उनके अनुसार जांच में सामने आया है कि बच्चों को उकसाकर ले जाया गया था। पुलिस की ओर से कार्रवाई का आधार जांच रिपोर्ट और उपलब्ध फुटेज को बताया गया।
कार्रवाई के विरोध में विधायक ने जताया विरोध
विधायक मोंटू सोलंकी ने आरोप लगाया कि प्रशासन सरकार के दबाव में आदिवासी युवाओं को झूठे मामलों में फंसा रहा है। उन्होंने कहा कि वे इस कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। मामले को लेकर विधायक और पुलिस अधिकारियों के बीच एसडीओपी कार्यालय में तीखी बहस हुई।



