मालवा-निमाड़

21 वर्ष बाद मध्यप्रदेश में फिर शुरू होगी सरकारी बस सेवा, 25 सितंबर से सुगम परिवहन सेवा का आगाज

 इंदौर से 27 शहरों के लिए इंटरसिटी बसों की तैयारी, जनहित याचिका में ग्रामीण क्षेत्रों तक सुरक्षित परिवहन पहुंचाने की मांग

इंदौर/सेंधवा। मध्यप्रदेश में राज्य सड़क परिवहन निगम की सेवाएं बंद होने के करीब 21 वर्ष बाद 25 सितंबर 2026 से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होने जा रही है। सेवा के तहत इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसका संचालन पीपीपी मॉडल पर होगा, जिसमें निजी ऑपरेटर बसें चलाएंगे, जबकि परमिट, समय-सारणी, किराया और निगरानी सरकारी कंपनी के अधीन रहेगी।

जनहित याचिका में उठी थी सरकारी परिवहन सेवा की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता बीएल जैन ने 14 अगस्त 2024 को मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में जनहित याचिका दायर कर प्रदेश में दोबारा सरकारी परिवहन सेवा शुरू करने की मांग की थी। याचिका डब्ल्यू.पी. क्रमांक 24154/2024 अधिवक्ता अभिषेक तुगनावत के माध्यम से दायर की गई थी। याचिकाकर्ता पक्ष के अनुसार मामले में शासन से जवाब मांगा गया था, लेकिन अब तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है।

इंदौर से 27 शहरों तक इंटरसिटी सेवा की तैयारी

25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत प्रस्तावित है। उपलब्ध योजना संबंधी जानकारी के अनुसार पहले चरण में इंदौर से प्रदेश के 27 शहरों के लिए इंटरसिटी बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। इंदौर से सिंगरौली का 889 किलोमीटर मार्ग सबसे लंबा और खंडवा से रतलाम का 263 किलोमीटर मार्ग सबसे छोटा बताया गया है। हालिया रिपोर्टों में भी इंदौर से 27 शहरों के लिए इंटरसिटी बस संचालन की तैयारी की पुष्टि की गई है।

याचिका में ग्रामीण परिवहन और यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा

याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि राज्य परिवहन निगम बंद होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन से जुड़ी समस्याएं बढ़ीं और यात्रियों को मजबूरी में मालवाहक वाहनों से यात्रा करनी पड़ती है। याचिका में शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं को सरकार का दायित्व बताते हुए केरल और महाराष्ट्र के परिवहन निगमों का उदाहरण भी न्यायालय के समक्ष रखा गया था।

ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवा पहुंचाने की मांग

बीएल जैन और अभिषेक तुगनावत ने कहा कि आगामी सुनवाई में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से संबंधित तथ्यों को न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा। उनकी मांग है कि बस सेवा केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक भी सुरक्षित, सस्ती और नियमित परिवहन सुविधा पहुंचे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!