बड़वानी में हत्या के मामले में दो आरोपियों को आजीवन कारावास, 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
पैसों के लेनदेन के विवाद में करमसिंह की हत्या के मामले में विशेष न्यायालय का फैसला, साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया

जनोदय पंच। बड़वानी। जिले में हत्या के एक मामले में विशेष न्यायालय ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में पैसों के लेनदेन के विवाद के चलते हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के आरोपों पर सुनवाई हुई। न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों और प्रस्तुत साक्ष्यों से सहमत होकर फैसला सुनाया।
विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज एक्ट) बड़वानी लीलाधर सोलंकी ने आरोपी उका उर्फ सीताराम पिता रंजीया, निवासी ग्राम घाघरखेड़ा पटेल फलिया, थाना सेंधवा ग्रामीण और भाया उर्फ भायराम पिता चतरसिंह, निवासी चोथरिया पटेल फलिया, थाना राजपुर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/3(5) के तहत आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, धारा 238(ए) बीएनएस के तहत दोनों आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास और 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
प्रशासन ने इस प्रकरण को चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज मामलों में शामिल किया था। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों के साथ वैज्ञानिक और अन्य साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
पुलिया के नीचे पाइप में मिला था शव
उपनिदेशक अभियोजन बड़वानी महेश पटेल ने बताया कि 2 जनवरी 2026 को पुलिस थाना पलसूद में पदस्थ उपनिरीक्षक विजय रावत को सूचनाकर्ता सुभाष पिता सोमारिया ने जानकारी दी कि करमसिंह मजदूरी करने गया था, लेकिन घर वापस नहीं लौटा। तलाश करने पर उसका पता नहीं चला और मोबाइल भी बंद आ रहा था।
इसके बाद सुभाष, सोमारिया और मासिया करमसिंह की तलाश में राजपुर के चिंदीघाटी क्षेत्र की ओर गए। तलाश के दौरान चिंदीघाटी-राजपुर रोड पर पुलिया के नीचे पाइप में करमसिंह का शव दिखाई दिया। सूचना की तस्दीक के बाद उपनिरीक्षक विजय रावत ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और मर्ग कायम किया।
मोबाइल कॉल रिकॉर्ड से जांच को मिली दिशा
विवेचना के दौरान मृतक के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) साइबर सेल बड़वानी से प्राप्त कर उसका अवलोकन किया गया। घटना के दिन सीताराम और भाया उर्फ भायराम से मृतक की लगातार बातचीत होने की जानकारी सामने आने के बाद दोनों से पूछताछ की गई।
अभियोजन के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने पैसों के लेनदेन और विवाद के कारण करमसिंह को योजना बनाकर नहर की ओर ले जाने तथा उसकी हत्या करने की बात बताई। आरोपियों ने चाकू और पत्थर से हमला कर हत्या करने के बाद शव को पुलिया के नीचे नाले में छिपाने की बात स्वीकार की।

पुलिस ने पूरी कर न्यायालय में पेश किया था प्रकरण
पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज किया और विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण की लगातार निगरानी पुलिस अधीक्षक द्वारा की जा रही थी। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक बड़वानी जगदीश यादव ने पैरवी की।




