सेंधवा महाविद्यालय में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर कार्यक्रम, युवाओं को उनके संघर्ष और दूरदृष्टि से प्रेरणा लेने का संदेश
वक्ताओं ने कलाम के योगदान को किया याद, कहा- विवेकपूर्ण निर्णय और प्रयासों से राष्ट्र को प्रगति के शिखर पर पहुंचाएं

जनोदय पंच। सेंधवा के वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरुवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने राष्ट्र के प्रति उनके योगदान, संघर्षमय जीवन, सादगी और दूरदृष्टि को याद करते हुए विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में डॉ. राहुल सूर्यवंशी ने कहा कि डॉ. कलाम ने भारत की शक्ति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए पूरा देश उनका ऋणी है। उन्होंने अपने ज्ञान, सादगी और दूरदृष्टि से करोड़ों युवाओं को सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी।
संघर्षमय जीवन से सीख लेने का संदेश
प्रो. दीपक मरमट ने डॉ. कलाम के संघर्षमय जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि संघर्षों के बावजूद व्यक्ति किस तरह आगे बढ़ सकता है।

विवेकपूर्ण निर्णय ही होगी सच्ची श्रद्धांजलि
इस अवसर पर शाहिद शेख, फैज मंसूरी, शीलावती कनोजे और बबीता सेनानी ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. कलाम को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब सभी लोग अंधानुकरण करने के बजाय अपने विवेक से निर्णय लें और राष्ट्र को प्रगति के शिखर पर पहुंचाने में योगदान दें।
कार्यक्रम में प्रो. इरशाद मंसूरी सहित महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।




