सेंधवा। अनंत चतुर्दशी पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा-अर्चना एवं आराधना धूमधाम से संपन्न

सेंधवा। दिगंबर महावीर जैन चैत्यालय में पर्युषण पर्व के अंतिम दिवस अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा-अर्चना एवं आराधना बड़े ही भक्तिभाव और उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजनों ने उपस्थित होकर श्रीजी की पूजा-अर्चना एवं आराधना का लाभ लिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीजी के प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा के पुण्यार्जक परिवार श्रीमान सौरभ कुमार जी विजय कुमार जी दोषी, बड़वानी वालों की ओर से रहे। वहीं श्रीजी पर छत्र चढ़ाने की बोली श्रीमान ऋषभ महावीर सुराणा द्वारा ली गई। चवर की बोली श्रीमती मोनिका रत्नेश कुमार जी जैन तथा प्रथम आरती की बोली श्रीमती निर्मला जी द्वारा ली गई।
सायंकालीन बेला में श्रीजी का अभिषेक एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके पश्चात भगवान महावीर स्वामी की पूजा-अर्चना एवं आरती की गई। पर्युषण पर्व के दौरान हुए धार्मिक आयोजनों एवं कार्यक्रमों का एवं वार्षिक लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर श्रीमती सोनम सौरभ जैन द्वारा दस लक्षण धर्म के अंतर्गत चार उपवास का निर्जल तप किया गया। वहीं कुमारी प्रियल सौरभ जैन एवं आयुषी आशीष जैन द्वारा एक-एक निर्जल उपवास की तपस्या की गई। समाजजनों ने तपस्वियों का अनुमोदन करते हुए उनके तप की सराहना की।

सायंकालीन आरती के पश्चात उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर शास्त्र वाचन श्रीमान अशोक जी पाटनी द्वारा दिया गया। उन्होंने बताया कि उत्तम ब्रह्मचर्य केवल शारीरिक वासनाओं से दूर रहने का नाम नहीं है, बल्कि आत्मकल्याण एवं आत्मशुद्धि की दिशा में आगे बढ़ने वाला महत्वपूर्ण धर्म है। ब्रह्मचर्य का पालन करने वाला व्यक्ति अपनी इंद्रियों पर संयम रखते हुए आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने का प्रयास करता है। पर्यूषण पर्व के 10 दिनों में समाज जनों के द्वारा प्रतिदिन संध्याकालीन आरती के पश्चात 48 दीपों के द्वारा भक्तांबर पाठ भी किया गया !
कार्यक्रम में अशोक कुमार पाटनी, श्रीमती योगिता पाटनी योगेश कुमार पाटनी, सिद्धार्थ पाटनी, खुशाल पाटनी, आशीष जैन, रत्नेश जैन, पारस जैन, बबीता जैन, नेहा जैन, रितिका योगेश जैन, रिकिता मोदी, शुभांगी मोदी आन्या मोदी काव्यांश जैन, प्रियल जैन, श्रीमती सोनम जैन, ममता पाटनी, श्रीमती निर्मला पाटनी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
दस लक्षण धर्म की आराधना के उपरांत एकम के दिन पारणे की पंगत श्रीमान सौरभ जी जैन द्वारा रखी गई है। इस अवसर पर समाजजनों ने तप, त्याग, संयम एवं धर्म की आराधना को आत्मकल्याण का माध्यम बताते हुए सभी तपस्वियों के प्रति अनुमोदना व्यक्त की।
यह जानकारी समाज के अध्यक्ष श्रीमान योगेश पाटनी के द्वारा दी गई



