वन पट्टाधारी किसानों को ई-विकास पोर्टल पर कराना होगा पंजीयन,तभी मिलेगा खाद के लिए ई-टोकन
सहकारिता विभाग ने जारी किए आदेश पटवारी और तहसीलदार करेंगे वेरिफिकेशन जिले की सभी बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं को प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश

बड़वानी ; जिले के वन पट्टाधारी कृषक सदस्यों को सुचारू रूप से खाद ( उर्वरक ) का वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग द्वारा विशेष मुहिम चलाई जा रही है। सहायक आयुक्त सहकारिता द्वारा जिले की समस्त बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं ( पैक्स ) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
वेरिफिकेशन के बाद जारी होंगे ई-टोकन
जिले के ऐसे वन पट्टाधारी किसान जो सहकारी संस्थाओं के केसीसी सदस्य हैं, उन्हें खाद प्राप्त करने के लिए ई-विकास पोर्टल पर अपना ऑनलाइन आवेदन व पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत क्षेत्र के पटवारी एवं तहसीलदार द्वारा ऑनलाइन आवेदनों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके उपरांत संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से अप्रूवल मिलते ही वन पट्टाधारी किसान के नाम से ई-टोकन जारी कर दिया जाएगा।
टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार मिलेगी खाद
पोर्टल से ई-टोकन जनरेट होने के बाद ही वन पट्टाधारी किसान उसमें दर्शित मात्रा के अनुसार सहकारी संस्थाओं से खाद प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सहकारिता विभाग द्वारा सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा भू-अभिलेख राजस्व विभाग के अधिकारियों से भी समन्वय स्थापित कर विस्तृत चर्चा की गई है।
संस्था प्रबंधकों को दिए गए निर्देश
सहायक आयुक्त सहकारिता ने जिले की सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र के ऐसे वन पट्टाधारी केसीसी सदस्यों से तत्काल संपर्क करें, जिनका अभी तक ई-विकास पोर्टल पर पंजीयन नहीं हुआ है या जिनके उर्वरक टोकन जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। संस्थाएं इन किसानों के ऑनलाइन आवेदन ई-विकास पोर्टल पर दर्ज कराना सुनिश्चित करें ताकि समय पर ई-टोकन जारी होकर उन्हें सुगमता से खाद उपलब्ध कराई जा सके।



