खरगोन में लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई, बटांकन और नामांतरण के बदले 4 हजार रुपये लेते पटवारी पकड़ा गया
करही में नेहरूमार्केट के पास हुई कार्रवाई, वाटर प्लांट के लिए खरीदी गई कृषि भूमि के दस्तावेजी काम के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत पर लोकायुक्त ने बिछाया जाल

जनोदय पंच। खरगोन जिले के करही में लोकायुक्त इंदौर की टीम ने रिश्वत मांगने की शिकायत पर कार्रवाई की। कृषि भूमि के बटांकन और नामांतरण के बदले 4,000 रुपये लेने के आरोप में एक पटवारी को रंगे हाथों पकड़ा गया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर ट्रैप कार्रवाई की गई।
खरगोन। लोकायुक्त इंदौर संभाग की टीम ने 28 अक्टूबर 2026 को खरगोन जिले की महेश्वर तहसील के टप्पा करही में रिश्वत के मामले में ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई में हल्का नंबर 54 के पटवारी सुनील पटेल को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
शिकायतकर्ता कपिल राठौर, पिता कैलाश राठौर, निवासी ग्राम मोहनया टप्पा, तहसील करही, तहसील महेश्वर, जिला खरगोन ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया था। शिकायत के अनुसार, उन्होंने वाटर प्लांट खोलने के लिए अपने परिवार की कृषि भूमि खरीदी थी। इस भूमि के बटांकन और नामांतरण के काम के एवज में पटवारी सुनील पटेल द्वारा 4,000 रुपये की मांग की जा रही थी।
शिकायत का सत्यापन कर आयोजित किया ट्रैप
शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त संभाग इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय द्वारा उसका सत्यापन कराया गया। शिकायत सही पाए जाने पर 28 अक्टूबर 2026 को आरोपी सुनील पटेल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर ट्रैप कार्रवाई आयोजित की गई।
कार्रवाई के दौरान आरोपी पटवारी को टप्पा करही कार्यालय से लगभग 100 मीटर दूर नेहरूमार्केट में विपुल टायर के पास सड़क किनारे शिकायतकर्ता से 4,000 रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
लोकायुक्त टीम में ये सदस्य रहे शामिल
ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक प्रतिभा तोमर, आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक चंद्रमोहन बिष्ट, शैलेन्द्र सिंह बघेल, आशीष नायडू और रामेश्वर निगवाल शामिल रहे।
रिश्वत मांगने पर लोकायुक्त से संपर्क करने की अपील
लोकायुक्त संगठन ने बताया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। संगठन ने आमजन से अपील की है कि इंदौर संभाग में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर लोकायुक्त पुलिस इंदौर से संपर्क करें। इसके लिए दूरभाष के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है।



