मालवा-निमाड़

बड़वानी; रोजगार प्राप्ति में तकनीकी कौशल और एआई की भूमिका पर व्याख्यान आयोजित

बड़वानी; तकनीकी दक्षता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ज्ञान से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर डॉ. प्रमोद पंडित
वर्तमान समय में रोजगार प्राप्त करने के लिए पारंपरिक शैक्षणिक योग्यता के साथ तकनीकी कौशल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का ज्ञान भी आवश्यक हो गया है। विद्यार्थियों को बदलते रोजगार परिदृश्य, तकनीकी विकास और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से शासकीय आदर्श महाविद्यालय, बड़वानी में ‘रोजगार प्राप्ति में तकनीकी कौशल और एआई की भूमिका’ विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। डॉ.पंडित ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार के बदलते स्वरूप से अवगत कराना तथा उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनकर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करना था। अपने व्याख्यान में तकनीकी कौशल के महत्व, डिजिटल साधनों के उपयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता तथा रोजगार के विभिन्न क्षेत्रों में इसके बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की।

वर्तमान डिजिटल युग में कंप्यूटर ज्ञान, इंटरनेट का प्रभावी उपयोग, डिजिटल संचार, डेटा विश्लेषण और समस्या समाधान जैसे कौशल युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ.पाटीदार ने एआई तकनीक से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, बैंकिंग, विपणन, संचार और प्रशासन सहित अनेक क्षेत्रों में कार्य करने के तरीकों से अवगत कराया है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए इन तकनीकों की बुनियादी समझ विकसित करना और उनका व्यावहारिक उपयोग सीखना आवश्यक है।

 

कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि केवल तकनीक की जानकारी प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके जिम्मेदार, रचनात्मक और प्रभावी उपयोग की क्षमता भी विकसित करनी चाहिए। एआई आधारित उपकरणों का उपयोग जानकारी जुटाने, अध्ययन सामग्री तैयार करने, कौशल विकास, करियर संबंधी जानकारी प्राप्त करने और कार्यों की उत्पादकता बढ़ाने में किया जा सकता है। हालांकि, इनके उपयोग के दौरान तथ्यों की सत्यता की जांच, मौलिकता, डेटा सुरक्षा और नैतिक मूल्यों का ध्यान रखना भी जरूरी है।

प्रो.मुवेल ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार तकनीकी कौशल विकसित करें, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नई जानकारियां प्राप्त करें तथा प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और व्यावहारिक गतिविधियों में भाग लेकर स्वयं को रोजगार के योग्य बनाएं। बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विकसित करना भी उनके व्यावसायिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के माध्यम से महाविद्यालय विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी जानकारी प्रदान करने तथा उनके कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. अनिल पाटीदार का संयोजन तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. राजाराम मुवेल का विशेष सहयोग रहा।

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