सेंधवा में एससी-एसटी उद्यमिता को मिला नया मंच, उद्योग-बैंक-पीएसयू संग युवाओं के लिए खुले अवसर
डिक्की और नेशनल एससी-एसटी हब के कार्यक्रम में योजनाओं, सब्सिडी और वेंडर डेवलपमेंट पर हुआ मंथन

जनोदय पंच। सेंधवा में आयोजित एससी-एसटी उद्यमिता जागरूकता एवं स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम में उद्योग, बैंक, सार्वजनिक उपक्रम और सरकारी विभाग पहली बार एक मंच पर आए। कार्यक्रम में उद्यमिता, सरकारी योजनाओं, वेंडर पंजीयन, बैंक ऋण और व्यवसाय विस्तार के अवसरों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई।
सेंधवा में आयोजित हुआ विशेष उद्यमिता कार्यक्रम
दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) एवं नेशनल एससी-एसटी हब, एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को होटल अग्रवाल मिडवे, सेंधवा में “एससी-एसटी उद्यमिता जागरूकता एवं स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम” आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से एससी-एसटी उद्यमियों, युवाओं, महिलाओं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर, भगवान बिरसा मुंडा एवं टांट्या मामा के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया गया। डिक्की मध्यप्रदेश के उपाध्यक्ष पंकज पाटिल ने अतिथियों का स्वागत किया।

ट्राइबल उद्यमिता के लिए महत्वपूर्ण बताए अगले वर्ष
डिक्की मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. अनिल सिरवैया ने कहा कि आगामी दो से तीन वर्ष एससी-एसटी उद्यमिता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि बड़वानी जिले में ट्राइबल उद्यमिता तेजी से विकसित हो रही है और यहां के उद्यमी मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, ट्रेडिंग तथा एक्सपोर्ट व्यवसाय में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं को उद्यमिता की ओर आगे बढ़ने तथा उपलब्ध योजनाओं का लाभ लेकर व्यवसाय विस्तार करने का आह्वान किया। साथ ही क्लस्टर डेवलपमेंट, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, सहकारी समितियों और सामूहिक उद्यमिता मॉडल को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
योजनाओं और सब्सिडी की दी जानकारी
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र बड़वानी के महाप्रबंधक एस.एल. सोलंकी ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन की योजनाओं में एससी-एसटी उद्यमियों को 48 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। नेशनल एससी-एसटी हब, पुणे के प्रभारी रितेश जी. रंगारी ने 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी, मार्केटिंग सहायता, बैंक ऋण सुविधा, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में वेंडर पंजीयन और व्यवसाय विस्तार संबंधी योजनाओं की जानकारी दी।
सार्वजनिक उपक्रमों में अवसरों पर हुआ फोकस
एनटीपीसी खरगोन की डीजीएम (सी एंड एम) शिप्रा यादव ने बताया कि सार्वजनिक खरीद नीति के तहत एनटीपीसी को अपनी कुल खरीद का न्यूनतम 4 प्रतिशत एससी-एसटी उद्यमियों से करना अनिवार्य है, जिसकी वार्षिक राशि लगभग 20 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। वहीं पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन की डीजीएम नीलांजना जैन ने बताया कि वेस्टर्न जोन में प्रतिवर्ष लगभग 400 करोड़ रुपये की खरीद होती है, जिसमें 4 प्रतिशत खरीद एससी-एसटी उद्यमियों से की जानी अनिवार्य है।
विशेषज्ञों ने साझा की उपयोगी जानकारी
कार्यक्रम में एमएसएमई योजनाएं, राज्य शासन की योजनाएं, जेम पोर्टल, सरकारी निविदा प्रक्रिया, वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग प्रणाली, बैंक ऋण उत्पाद, सर्टिफिकेशन तथा वेंडर डेवलपमेंट विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. गंगाराम सिंगोरिया ने कहा कि यह आयोजन जिले में एससी-एसटी उद्यमिता विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में एमएसएमई-डीएफओ इंदौर के सहायक निदेशक राजकुमार मोहानी, एलडीएम बड़वानी वरुण चावला, चार्टर्ड अकाउंटेंट अजय शर्मा, एनएसएसएचओ के ई-टेंडरिंग विशेषज्ञ अंकुश माकड़े, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा जिले के उद्यमी और युवा उपस्थित रहे।



