सेंधवा की इंदिरा शर्मा ने देहदान से पेश की मिसाल, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ पार्थिव देह इंदौर मेडिकल कॉलेज रवाना
87 वर्षीय इंदिरा शर्मा ने दशहरे पर लिया था देहदान का संकल्प, नेत्रदान और त्वचा दान की प्रक्रिया के बाद चिकित्सा शिक्षा के लिए इंडेक्स मेडिकल कॉलेज को सौंपी जाएगी पार्थिव देह।

रमन बोरखड़े। जनोदय पंच। सेंधवा में 87 वर्षीय महिला के देहदान के संकल्प को परिवार ने उनके निधन के बाद पूरा किया। पुलिस प्रशासन ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम विदाई दी। नेत्रदान, त्वचा दान और देहदान के माध्यम से जरूरतमंदों और चिकित्सा शिक्षा को लाभ मिलेगा।
दशहरे पर लिया था देहदान का संकल्प
सेंधवा। मानव सेवा समिति सेंधवा के सहयोग से 87 वर्षीय इंदिरा रमेशचंद्र शर्मा का देहदान कराया गया। उन्होंने दशहरे के अवसर पर 20 अक्टूबर को देहदान का संकल्प लिया था। 24 अक्टूबर को उनके निधन के बाद परिवार ने मानव सेवा समिति को सूचना दी। इसके बाद समिति ने इंदौर के मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य से संपर्क किया।

मुस्कान ग्रुप और इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की टीम के सहयोग से नेत्रदान और त्वचा दान की प्रक्रिया पूरी कराई गई। रविवार सुबह 10 बजे निज निवास पर नगर के गणमान्य नागरिकों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पुलिस प्रशासन ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर राजकीय सम्मान के साथ उनकी पार्थिव देह को अंतिम विदाई दी।
नेत्रदान से दो लोगों को मिल सकती है रोशनी
मानव सेवा समिति के नीलेश जैन ने बताया कि इंदिरा शर्मा के नेत्र एमके इंटरनेशनल आई बैंक, इंदौर भेजे जाएंगे। इससे दो नेत्रहीन लोगों को रोशनी मिलने की उम्मीद है। उनकी त्वचा पहले चोइथराम अस्पताल, इंदौर के स्किन बैंक भेजी जाएगी। इससे गंभीर रूप से जले पांच से आठ मरीजों के उपचार में मदद मिल सकती है। इसके बाद उनकी पार्थिव देह इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, इंदौर भेजी जाएगी, जहां चिकित्सा शिक्षा के लिए इसका उपयोग किया जाएगा।
एक देह से चिकित्सा विद्यार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण
मानव सेवा समिति के डॉ. किंशुक लालका ने बताया कि समिति का पहला नेत्रदान भी शर्मा परिवार के सहयोग से वर्ष 2016 में हुआ था। समिति का पहला देहदान भी इसी परिवार से हुआ है।
उन्होंने बताया कि एक देह से मेडिकल कॉलेज में 150 से 200 एमबीबीएस विद्यार्थी पूरे साल प्रायोगिक प्रशिक्षण लेते हैं। देह के माध्यम से विद्यार्थी सर्जरी सीखते हैं, जिससे भविष्य में मरीजों के उपचार में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सेंधवा जैसे छोटे शहर में इस तरह का देहदान अनेक लोगों को प्रेरित कर सकता है।
परिवार के निर्णय की सराहना, लोगों से आगे आने की अपील
मानव सेवा समिति के महेंद्र परिहार ने परिवार के इस निर्णय की सराहना की। उन्होंने सेंधवा के लोगों से शर्मा परिवार से प्रेरणा लेकर देहदान, अंगदान और नेत्रदान के लिए आगे आने की अपील की। समिति के नीलेश जैन ने कहा कि इंदिरा शर्मा के इस निर्णय से जरूरतमंदों को लाभ मिलने के साथ चिकित्सा शिक्षा में भी योगदान होगा। उन्होंने सेंधवा वासियों से इंदिरा शर्मा के पदचिह्नों पर चलकर मानव जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया।

प्रशासन और शहर के नागरिकों का सहयोग
इस पूरी प्रक्रिया में बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह, अजित जैन, टीआई दिनेश कुशवाह, सीएचएमओ ठाकुर साहब और भावना कुमरावत का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर मानव सेवा समिति सेंधवा के नीलेश जैन, डॉ. किंशुक लालका, महेंद्र परिहार, राजेंद्र यादव, हरचरण सिंह भाटिया, राजेंद्र मोतियानी, राजेंद्र सिंह रघुवंशी, पोरलाल खर्ते, दिलीप अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, देवेंद्र मंडलोई, कमल जायसवाल, निखिलेश मित्तल और विशाल वैष्णव सहित नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



